
वन क्षेत्र में विचरण करता बाघ। पत्रिका फाइल फोटो
सवाई माधोपुर। रणथंभौर का युवा बाघ आरबीटी-2407 लगातार जंगल से बाहर निकलकर गांवों की ओर रुख कर रहा है। मंगलवार देर रात यह बाघ रामसिंहपुरा गांव पहुंच गया, जिससे ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और लोगों को सुरक्षित दूरी पर हटाया।
गौरतलब है कि बीते दिन भी जब बाघ झूमर बावड़ी वन क्षेत्र से बाहर निकला तो वनकर्मी पहले से ही सतर्क थे। मंगलवार रात करीब 10.30 बजे बाघ रामसिंहपुरा गांव पहुंचा, जहां बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए।
सूचना पर डीएफओ मानस सिंह, आरओपीटी रेंजर अश्वनी प्रताप सिंह, अन्य वनकर्मी और पुलिस मौके पर पहुंची। रात करीब 12.30 बजे तक बाघ का मूवमेंट गांव के आसपास बना रहा, इसके बाद वह जंगल की ओर लौट गया। फिलहाल वन विभाग उसकी लगातार मॉनिटरिंग कर रहा है और बाघ का मूवमेंट झूमर बावड़ी वन क्षेत्र की पहाड़ियों में दर्ज किया जा रहा है।
रणथंभौर बाघ परियोजना के उपवन संरक्षक मानस सिंह ने बताया कि आरबीटी-2407 बार-बार जंगल छोड़कर पेरीफेरी वाले इलाकों में आ रहा है। इसी कारण उसे रेडियो कॉलर लगाया गया है। रेडियो कॉलर से बाघ की रेडियो फ्रीक्वेंसी लगातार मिलती रहती है, जबकि जीपीएस लोकेशन हर दो घंटे में उपलब्ध होती है। इससे वन विभाग को बाघ के मूवमेंट का अंदाजा रहता है और टीम समय रहते अलर्ट हो जाती है।
त्रिनेत्र गणेश मंदिर मार्ग पर पिछले बुधवार दोपहर को बाघ टी-2511 आ गया था। अचानक बाघ को देखकर श्रद्धालुओं और वाहन चालकों में अफरा-तफरी मच गई और मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई थी। वनाधिकारियों ने बताया कि बाघ करीब एक घंटे तक मंदिर मार्ग पर टहलता रहा। इस दौरान एहतियातन वन विभाग ने गणेश धाम से श्रद्धालुओं का प्रवेश रोक दिया। श्रद्धालुओं को सुरक्षा कारणों से मंदिर की ओर जाने से रोक दिया गया। बाद में बाघ जंगल की ओर लौट गया, जिसके बाद विभाग ने पुनः श्रद्धालुओं को प्रवेश की अनुमति दी थी।
Updated on:
25 Mar 2026 06:15 pm
Published on:
25 Mar 2026 06:15 pm
