सवाई माधोपुर

सवाई माधोपुर : चौथ माता मंदिर मार्ग पर चला पीला पंजा, 90 से अधिक दुकानें ध्वस्त, छटपटाकर रह गईं दुकानदार महिलाएं

एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि वन विभाग की टीम अचानक जेसीबी लेकर पहुंची। लोग समझ ही नहीं पाए क्या हो रहा? अचानक हुई इस कार्रवाई से परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट पैदा हो गया है।

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चौथ माता मंदिर मार्ग पर वन विभाग की कार्रवाई (फोटो-पत्रिका)

सवाई माधोपुर। चौथ का बरवाड़ा कस्बे के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल चौथ माता मंदिर परिसर स्थित खातोलाव क्षेत्र में रविवार को वन विभाग की अचानक हुई कार्रवाई ने हड़कंप मचा दिया। जेसीबी मशीनों की गड़गड़ाहट के बीच 90 से अधिक दुकानें ध्वस्त कर दी गईं। दशकों से चल रही इन दुकानों के मलबे में सैकड़ों परिवारों की रोजी-रोटी दफन हो गई।

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कार्रवाई के दौरान मौके पर मौजूद महिलाओं का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। कई दुकानदारों का आरोप है कि उन्हें न तो पूर्व सूचना दी गई और न ही सामान हटाने का पर्याप्त समय। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि वन विभाग की टीम अचानक जेसीबी लेकर पहुंची। लोग समझ ही नहीं पाए कि क्या हो रहा है।

दुकानों का बिखरा सामान (फोटो-पत्रिका)

महिलाओं ने हाथ जोड़कर मांगी मोहलत

महिलाओं ने हाथ जोड़कर मोहलत मांगी, लेकिन मशीनें चलती रहीं। स्थानीय लोगों के अनुसार खातोलाव क्षेत्र में 30-40 वर्षों से दुकानें संचालित हो रही थीं और यही सैकड़ों परिवारों की आय का मुख्य स्रोत थीं। अब अचानक हुई इस कार्रवाई से परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट पैदा हो गया है।

आश्वासन के बावजूद कार्रवाई, लोगों में आक्रोश

स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्रीय विधायक जितेंद्र गोठवाल की ओर से पहले आश्वासन दिया गया था कि दुकानदारों के हितों का ध्यान रखा जाएगा, लेकिन इसके बावजूद कार्रवाई हो गई। इससे लोगों में भारी रोष व्याप्त है। एक दुकानदार ने आक्रोश जताते हुए कहा, हमारा पुश्तैनी काम था। बिना वैकल्पिक व्यवस्था के हमें उजाड़ दिया गया। आखिर अब हम कहां जाएं?

प्रशासन मौन, वैकल्पिक व्यवस्था की मांग तेज

प्रशासन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन प्रभावित परिवारों ने वैकल्पिक स्थान, पुनर्वास और मुआवजे की मांग को लेकर आवाज बुलंद कर दी है। लोगों का कहना है कि धार्मिक स्थल से जुड़े इस क्षेत्र में दशकों से व्यवसाय चल रहा था, ऐसे में अचानक की गई कार्रवाई से सामाजिक और आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

आजीविका का सवाल

मंदिर परिसर में हुई इस कार्रवाई ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। क्या अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में मानवीय पक्ष को नजर अंदाज किया जा सकता है? सैकड़ों परिवारों की आजीविका पर आए इस संकट ने कस्बे में तनाव का माहौल बना दिया है। अब निगाहें प्रशासन की अगली पहल पर टिकी हैं कि क्या प्रभावित परिवारों को राहत मिलेगी या वे यूं ही मलबे के बीच अपने भविष्य को तलाशते रहेंगे।

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Published on:
22 Feb 2026 06:11 pm
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