सवाई माधोपुर

किसानों की आय बढ़ाने का आधार बनेगा एग्रीक्लिनिक, अब एक ही छत के नीचे मिलेगा हर समस्या का समाधान

राज्य सरकार की बजट घोषणा के तहत एग्रीक्लिनिक की स्थापना की है। यह केंद्र किसानों के लिए एक समेकित सेवा स्थल के रूप में काम करेगा।

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सवाईमाधोपुर के कृषि विस्तार कार्यालय परिसर में बनाया गया एग्री​क्लिनिक। फोटो: पत्रिका

सवाईमाधोपुर। किसानों को अब अपनी खेती से जुड़ी हर समस्या का समाधान एक ही छत के नीचे मिलेगा। सवाईमाधोपुर जिला मुख्यालय स्थित सहायक निदेशक कृषि (विस्तार) परिसर में राज्य सरकार की बजट घोषणा के तहत एग्रीक्लिनिक की स्थापना की है। यह केंद्र किसानों के लिए एक समेकित सेवा स्थल के रूप में काम करेगा, जहां मृदा परीक्षण से लेकर कीट‑रोग नियंत्रण और उन्नत कृषि तकनीकों तक की विशेषज्ञ सलाह उपलब्ध होगी।

एग्रीक्लिनिक प्रभारी डॉ. किशन लाल गुर्जर ने बताया कि यहां मृदा परीक्षण की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। खेत की उर्वरता का वैज्ञानिक आकलन कर संतुलित उर्वरक उपयोग की सिफारिश दी जाएगी। इससे उत्पादन और उत्पादकता दोनों में वृद्धि होगी। किसानों को यह समझाया जाएगा कि मिट्टी की सही पहचान ही फसल की असली ताकत है।

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कीट‑रोग नियंत्रण और आधुनिक तकनीक

केंद्र पर समेकित कीट प्रबंधन के अंतर्गत फसलों में लगने वाले कीट एवं रोगों की पहचान कर उनके नियंत्रण हेतु प्रभावी उपाय सुझाए जाएंगे। साथ ही किसानों को फसल प्रबंधन, सिंचाई पद्धति, उन्नत बीज चयन, फसल चक्र, बागवानी और पशुपालन को जोड़कर समेकित कृषि प्रणाली अपनाने का मार्गदर्शन दिया जाएगा। यह प्रणाली किसानों की आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित करेगी।

किसानों के लिए सीधी पहुंच

किसान अपनी फसल संबंधी समस्याओं को सीधे एग्रीक्लिनिक में प्रस्तुत कर सकेंगे। आवश्यकता पड़ने पर कृषि विभाग के अधिकारी खेतों का भ्रमण कर मौके पर समाधान भी उपलब्ध कराएंगे। इससे किसानों को समय पर वैज्ञानिक सलाह मिलेगी और फसल हानि में कमी आएगी।

कृषि सेवाओं को सुदृढ़ करने की पहल

एग्रीक्लिनिक की स्थापना से किसानों को विशेषज्ञ सलाह समय पर उपलब्ध होगी। यह पहल जिले में कृषि सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। खेती को अधिक लाभकारी बनाने और किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए यह केंद्र मील का पत्थर साबित होगा।
-लखपत लाल मीना, संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार)सवाईमाधोपुर

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