सवाई माधोपुर

​​​​​Panchna Dam: सभी पक्षों को संतुष्ट करना बना चुनौती, राजस्थान सरकार के लिए गले की फांस बना पांचना बांध मुद्दा

​​​​​Panchna Dam Water Dispute: गंगापुरसिटी में पांचना बांध से पानी वितरण को लेकर नहर, बांध क्षेत्र और गंभीरी नदी के किसानों के बीच खींचतान बढ़ गई है। तीन अलग-अलग मांगों के चलते प्रशासन और सरकार के सामने संतुलन साधने की चुनौती खड़ी हो गई है।
2 min read
• •
Updated: 23 Jun 2026, 5:34 PM IST
Panchna Water Dispute
खण्डीप महापंचायत में पहुंचे सपोटरा क्षेत्र के लोग। फोटो- पत्रिका

गंगापुरसिटी। कमाण्ड क्षेत्र के किसान पांचना बांध से नहरों में पानी छोड़ने के लिए हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए धरने पर बैठे हैं। वहीं पांचना बांध पर क्षेत्रीय किसान पहले उनको पानी की व्यवस्था करने की मांग को लेकर निगरानी में जुटे हैं। अब तीसरा मोर्चा भी तैयार है और गंभीरी नदी में पानी छोड़ने की मांग कर रहा है। तीनों मांगे सरकार के लिए गलफांस बनकर रह गई है।

यह वीडियो भी देखें

एक ओर हाईकोर्ट के आदेश की पालना करना जहां सरकार का दायित्व है, वहीं पांचना बांध क्षेत्र के किसानों तथा गंभीरी नदी में पानी उपलब्ध कराना सरकार के लिए चुनौती बना हुआ है। हालांकि सरकार ने गुड़ला लिफ्ट परियोजना के लिए इस बजट में 50 करोड़ रुपए स्वीकृत किए हैं, लेकिन इसका काम अभी शुरू नहीं हुआ है और राशि की और आवश्यकता पड़ेगी। हालांकि राजस्थान सरकार तीनों पक्षों को ही संतुष्ट करने का प्रयास कर रही है। इसके लिए संभागीय आयुक्त, भरतपुर की अध्यक्षता में दोनों पक्षों के किसानों की बैठक हुई। इसमें दोनाें पक्ष ही सभी को पानी देने की बात पर सहमत दिखाई दिए, लेकिन अंतिम निर्णय नहीं हो सका। इसे लेकर गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म भी बयान दे चुके हैं। उनका कहना था कि सरकार सभी किसानों के बीच सहमति बनाकर पानी देगी।

प्रशासन भी चाक-चौबंद

खण्डीप में चल रही महापंचायत व धरना-प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन भी फूंक-फूंक कर कदम रख रहा है। हालांकि प्रशासन ने चार आरएएस अधिकारियों की नियुक्ति की है। वहीं पुलिस ने भी छह आरपीएस, तीन आरएसी की कम्पनी, 80 जिले के और 80 अन्य जिलाें के पुलिस अधिकारी-कर्मचारी लगाए हुए हैं। वहीं जिला कलक्टर व पुलिस अधीक्षक भी लगातार नजर बनाए हुए हैं।

इनका कहना है

राज्य सरकार व जिला प्रशासन सर्वसहमति बनाकर सकारात्मक रूप से समस्या का हल निकालने का प्रयास कर रहे हैं। इसके लिए लगातार संवाद जारी है। आमजन अफवाहों व सोशल मीडिया की खबरों पर ध्यान नहीं दें। आधिकारिक जानकारी करने के बाद ही पोस्ट को शेयर करें। जिला प्रशासन की ओर से सोशल मीडिया पर पैनी नजर रखी जा रही है।

  • कानाराम, जिला कलक्टर, सवाईमाधोपुर

महापंचायत में शामिल हुए सपोटरा क्षेत्र के 411 गांवों के पंच-पटेल

वहीं दूसरी तरफ खण्डीप में पिछले 18 दिनों से चल रही किसान महापंचायत एवं धरना-प्रदर्शन में तहसील सपोटरा क्षेत्र के 411 गांवों के पंच-पटेल, किसान, महिला-पुरूष एवं युवा शामिल हुए। सभी ने पांचना से कमाण्ड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग को लेकर किसान महापंचायत व धरने को समर्थन दिया। साथ ही धरना स्थल के प्रवेश द्वार पर पांचना कमाण्ड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति, पंच-पटेलों एवं विधायक रामकेश मीना ने 411 गांवों के लोगों का जेसीबी से पुष्पवर्षा कर स्वागत किया।

ग्राम खण्डीप के ग्रामीण भी इस आंदोलन में तन-मन-धन से सहयोग कर रहे हैं। विधायक रामकेश मीना ने कहा कि इतनी बड़ी तादाद में किसान महापंचायत में आकर समर्थन दिया उसके लिए समिति आभार व्यक्त करती है। महापंचायत को पूर्व मंत्री गोलमादेवी, करौली के पूर्व विधायक सुरेशचन्द मीना, रिटा.आईएएस अधिकारी पी.आर.मीना, हुकमबाई मीना आदि ने सम्बोधित किया। सभी ने सरकार से तत्काल उच्च न्यायालय के आदेश की पालना सुनिश्चित करवाने पर जोर दिया। कहा कि राज्य सरकार किसानों की अग्नि परीक्षा ले रही है।

Updated on:
23 Jun 2026, 5:34 PM IST
Published on:
Also Read
View All
राजस्थान के सवाईमाधोपुर में बिक रहा पशु चारे से बना बिस्किट! खाद्य सुरक्षा विभाग ने अब तक नहीं लिए सैंपल

सवाई माधोपुर जिले में यहां बनेगा नया रोडवेज बस स्टैंड, बड़ी संख्या में यात्रियों को मिलेगी सुविधा, जल्द शुरू होगा निर्माण

Sawai Madhopur Accident: जन्म से पहले ही छिना पिता का साया, सड़क हादसे में युवक की मौत, गर्भवती पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल

Rajasthan Crime: गांव में घर में अकेली युवती की हत्या के दोषी को उम्रकैद, फटा शादी का कार्ड बना ‘अहम सुराग’

Sawai Madhopur: रील का शौक पड़ा भारी, बहन को बचाने के चक्कर में भाई की भी गई जान; परिवार में मचा कोहराम