
जाट आरक्षण: सांसद हनुमान बेनीवाल। फोटो X Hanuman Beniwal
भरतपुर। भरतपुर, धौलपुर और डीग जाट आरक्षण संघर्ष समिति की ओर से सोमवार को नुमाइश मैदान में हुंकार सभा हुई। इस मौके पर राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के सुप्रीमो व सांसद हनुमान बेनीवाल ने कहा कि भरतपुर, धौलपुर व डीग के जाटों को केंद्र में आरक्षण दिलाकर ही रहेंगे। सभा में राजस्थान के अलावा अन्य प्रदेशों से भी जाट समाज के लोग पहुंचे।
उन्होंने कहा कि जाटों के स्वाभिमान के लिए हर कुर्बानी देने को तैयार हैं। केंद्र व राज्य की भाजपा सरकारों पर जाटों के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र में कोई भी जाट नेता कैबिनेट में नहीं है। वहीं, जिले के किसी भी जाट विधायक को मंत्रिमंडल में नहीं लिया गया है। उन्होंने कहा कि वह केवल जाटों के साथ ही नहीं बल्कि सर्वसमाज की न्याय संगत हर लड़ाई लड़कर न्याय दिलाएंगे।
बेनीवाल ने राज्य सरकार के मंत्रियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए भजनलाल सरकार की विदाई की बात कही। उन्होंने कहा कि आज देश को एक और जेपी आंदोलन की जरूरत है।
हनुमान बेनीवाल ने भाजपा सरकार के खिलाफ बोलते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल का नाम लिया तो नदबई विधायक जगत सिंह उठे और बेनीवाल को हाथ से इशारा कर रोका। ऐसे में बेनीवाल ने भी इशारे से उनकी बात का समर्थन किया और बात बदल दी। इतने में ही राज्य सरकार के खिलाफ उनके सामने कोई भी बात नहीं सुनने की कहकर विधायक जगत सिंह व डीग-कुम्हेर विधायक डॉ. शैलेष सिंह वहां से चले गए। इस पर बेनीवाल ने तंज कसते हुए कहा कि शायद दोनों विधायक आरक्षण की पर्ची लेने गए हैं।
सभा में विधायक जगत सिंह ने कहा कि आरक्षण को लेकर मन में बहुत टीस है। समाज के साथ इस मुद्दे पर हमेशा साथ रहा हूं और आगे भी रहूंगा। वहीं, विधायक डॉ. शैलेष सिंह ने कहा कि पूर्व में भी आरक्षण के मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार तक बात की गई थी। इसमें जो भी खामियां रही हैं। उन्हें राज्य सरकार के माध्यम से फिर केंद्र सरकार से बात की जाएगी। सांसद संजना जाटव ने कहा कि जब मैंने आरक्षण के मुद्दे को लोकसभा में उठाना चाहा तो मुझे रोक दिया गया। समिति के संयोजक नैमसिंह फौजदार ने कहा कि आरक्षण नहीं मिलने तक यह लड़ाई जारी रखी जाएगी।
बेनीवाल की ओर से पिछले कुछ समय से भरतपुर के जाट वोट बैंक साधाने की कोशिश की जा रही है। इसके पीछे कारण है कि विभिन्न मुद्दों को लेकर जाट वोट बैंक पिछले कुछ समय से भाजपा से अंसुष्ट है। आरक्षण का प्रकरण केंद्र सरकार के पाले में है। वहां से लंबे समय से समाधान नहीं हुआ है। केंद्र में भाजपा की ही सरकार है। एक भी कद्दावर व जिले के जाट नेता को मंत्रिमंडल में स्थान न देना भी नाराजगी का प्रमुख कारण है।
Updated on:
23 Jun 2026 02:41 pm
Published on:
22 Jun 2026 06:37 pm
