सवाई माधोपुर

Sawai Madhopur: सफाईकर्मी की बेटी की शादी में ‘मायरा’ लेकर पहुंचा पूरा थाना, 15 साल की सेवा का मिला इनाम

सवाईमाधोपुर के कोतवाली थाने में एक भावुक कर देने वाला दृश्य देखने को मिला जब थानाधिकारी मदनलाल मीना और पूरे स्टाफ ने मिलकर 15 साल से थाने में सेवा दे रहे सफाईकर्मी राजेन्द्र कुमार वाल्मीकि की बेटी की शादी में आर्थिक मदद की। यह सिर्फ आर्थिक मदद नहीं बल्कि एक आम इंसान की मेहनत और समर्पण को मिला असली सम्मान था जिसने पूरे जिले में सामाजिक एकता और इंसानियत की मिसाल कायम की।
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Sawaimadhopur police staff stands together with sweeper family symbolizing social unity and humanity beyond duty
पुलिस स्टाफ सफाईकर्मी की बेटी की शादी में (पत्रिका फोटो)

Sawai Madhopur News: अक्सर पुलिस को सिर्फ लाठी और कानून से जोड़कर देखा जाता है। लेकिन सवाईमाधोपुर के कोतवाली थाने ने गुरुवार को एक और तस्वीर पेश की संवेदनशीलता की, अपनेपन की, इंसानियत की। एक सफाईकर्मी को अक्सर नजरअंदाज किया जाता है, लेकिन थाने के लोगों ने सफाईकर्मी की मेहनत को याद रखा। और जब मौका आया, तो उन्होंने साबित किया कि इंसान की कद्र उसकी पोस्ट से नहीं, उसके किरदार से होती है।

कोतवाली थाने के सफाईकर्मी राजेन्द्र कुमार वाल्मीकि की बेटी की शादी में थानाधिकारी मदनलाल मीना और पूरे स्टाफ ने मिलकर एक लाख 11 हजार रुपए का मायरा भरा। यह सिर्फ आर्थिक सहयोग नहीं था, बल्कि 15 वर्षों से थाने की सेवा कर रहे राजेन्द्र कुमार के समर्पण और मेहनत का सम्मान भी था।

परिवार के लिए बड़ी राहत

राजेन्द्र कुमार लंबे समय से थाना परिसर की सफाई और व्यवस्था संभालते रहे हैं। उनकी बेटी की शादी में पुलिसकर्मियों का यह योगदान परिवार के लिए बड़ी राहत और खुशी का कारण बना। मायरा भरने की परंपरा राजस्थान की सामाजिक संस्कृति का हिस्सा है, और जब इसे पुलिसकर्मियों ने निभाया तो यह एक मिसाल बन गई।

SHO और स्टाफ की रही भागीदारी

थानाधिकारी मदनलाल मीना के नेतृत्व में SI चंद्र हुसैन, ASI संदीप चौधरी, सूचना अधिकारी रामभजन, शमशेर सिंह और पूरे स्टाफ ने इस अवसर पर सहयोग किया। सभी ने मिलकर एक लाख ग्यारह हजार रुपए का मायरा भरा और राजेन्द्र कुमार को भरोसा दिलाया कि थाने का परिवार हमेशा उनके साथ खड़ा है।

इस दौरान राजेन्द्र कुमार भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि यह सहयोग उनके लिए सिर्फ आर्थिक मदद नहीं बल्कि सम्मान और अपनापन है। बेटी की शादी में थाने के सहयोग से उन्हें यह महसूस हुआ कि वह अकेले नहीं हैं, बल्कि एक बड़े परिवार का हिस्सा हैं।

सामाजिक एकता का दिया संदेश

सफाईकर्मी की बेटी में पुलिस स्टाफ की ओर से मायरा भरने का पूरे जिले में सकारात्मक संदेश गया। इस अवसर पर वर्दी का एक और चेहरा सामने आया। पुलिस सिर्फ कानून-व्यवस्था संभालने वाली संस्था नहीं है, बल्कि समाज के साथ जुड़ी हुई है। थाने के स्टाफ ने दिखाया कि मानवीय संवेदनाएं और सामाजिक परंपराएं निभाना भी उतना ही जरूरी है जितना कर्तव्य निभाना।

Updated on:
19 Feb 2026 07:25 pm
Published on:
19 Feb 2026 07:25 pm