सवाई माधोपुर

Mahapanchayat: एक स्वर में बोले हजारों लोग, बंद हो डूंगरी बांध का निर्माण; अब 13 को जुटेंगे 6 जिलों के लोग

Mahapanchayat : केपीसी-ईआरसीपी योजना के तहत प्रस्तावित डूंगरी बांध के विरोध में डूंगरी बड़कुटी पर महापंचायत हुई। जिसमें पंचों ने एक स्वर में बांध निर्माण रोकने की मांग की।

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डूंगरी बांध के विरोध में हुई महापंचायत में मौजूद लोग। फोटो: पत्रिका

सवाईमाधोपुर। केपीसी-ईआरसीपी योजना के तहत प्रस्तावित डूंगरी बांध के विरोध में डूंगरी बड़कुटी पर महापंचायत हुई। महापंचायत में आए सम्भावित प्रभावित गांवों के पंचों ने एक स्वर में बांध निर्माण रोकने की मांग की। इस दौरान पंचों की ओर से बांध निर्माण रोकने की मांग को लेकर मौके पर ही तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा।

इससे पूर्व सवाईमाधोपुर और करौली जिलों से आए सर्वसमाज के लोगों में जहां बांध को लेकर भय नजर आया। वहीं सरकार के इस निर्णय के प्रति आक्रोश भी देखा गया। वक्ताओं ने एक-एककर बांध निर्माण से होने वाले नुकसानों के बारे में बताया। इस आंदोलन को कैसे आगे बढ़ाया जाए, इस पर भी मंथन हुआ। इससे पूर्व सामाजिक कार्यकर्ता मुकेश भूप्रेमी ने कहा कि बांध निर्माण का प्रस्ताव स्थानीय लोगों की सहमति के बिना तैयार किया गया है। यह किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं होगा।

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13 जुलाई को होगी राज्य स्तरीय महापंचायत

पंचों ने डूंगरी बांध के विरोध में अब 13 जुलाई को सपोटरा के कुशाल सिंह गोरधनपुरा में राज्य स्तरीय महापंचायत करने का निर्णय किया है। इसमें सवाईमाधोपुर-करौली जिलों के अलावा आसपास के धौलपुर, दौसा, टोंक, भरतपुर जिले के लोगों को भी आमंत्रित करने का प्लान है। ताकि सरकार के समक्ष मजबूती से बात रखी जा सके।

पानी भी नहीं रोक पाया राह

डूंगरी बड़ कुटी बनास नदी के किनारे है। गत दिनों जिले में हुई बरसात से बनास व मोरेल नदी उफान पर है। प्रमुख मार्ग ओलवाड़ा बनास व करौली-सवाईमाधोपुर जिलों को जोड़ने वाली भूरी पहाड़ी, बनास-मोरेल रपट पर भी पानी का बहाव है। इसके बावजूद लोग जान जोखिम में डाल कर महापंचायत में शामिल हुए।

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