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Ranthambore: अब राजस्थान के रणथंभौर में फर्जीवाड़े पर लगेगी लगाम, वन विभाग ने शुरू की नई कवायद

Ranthambore Tiger Reserve: रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान में पार्क भ्रमण के दौरान सामने आ रही अनियमितताओं और फर्जीवाड़े पर लगाम लगाने के लिए वन विभाग ने नई कवायद शुरू की है।

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Ranthambore-tourist-vehicles

रणथंभौर में संचालित पर्यटन वाहन। पत्रिका फाइल फोटो

सवाईमाधोपुर। रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान में पार्क भ्रमण के दौरान सामने आ रही अनियमितताओं और फर्जीवाड़े पर लगाम लगाने के लिए वन विभाग ने नई कवायद शुरू की है। अब पार्क भ्रमण पर जाने वाले सभी पर्यटन वाहनों में डैशबोर्ड पर टू-वे कैमरा लगाना अनिवार्य कर दिया गया है।

इस संबंध में वन विभाग की ओर से आदेश जारी कर दिए गए हैं। योजना के अनुसार एक माह के भीतर रणथंभौर में संचालित सभी पर्यटन वाहनों में कैमरे लगाए जाएंगे। शीघ्र ही कैमरा नहीं लगाए तो वाहन को पार्क क्षेत्र में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।

सुप्रीम कोर्ट के हैं निर्देश

वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पूर्व में पार्क भ्रमण के दौरान अनियमितताओं के मामले सामने आने के बाद इस विषय में उच्चतम न्यायालय ने भी नाराजगी जताई थी। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत अब पर्यटन वाहनों में कैमरे लगाए जा रहे हैं, जिससे पार्क भ्रमण की प्रभावी मॉनिटरिंग संभव हो सकेगी और नियमों की पालना सुनिश्चित होगी।

रणथम्भौर में इतने पर्यटन वाहन

वन विभाग के अनुसार वर्तमान में रणथंभौर में कुल 567 पर्यटन वाहन संचालित हैं। इनमें 269 जिप्सी और 298 कैंटर शामिल हैं।

इनका कहना है…

सुप्रीम कोर्ट की ओर से जारी गाइडलाइन के अनुसार सभी पर्यटन वाहनों में डैशबोर्ड कैमरे लगाने के निर्देश दिए गए हैं। एक माह के भीतर सभी वाहनों में कैमरे लगवा दिए जाएंगे।
- संजीव शर्मा, उपवन संरक्षक, रणथंभौर बाघ परियोजना (पर्यटन), सवाईमाधोपुर