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Rajasthan Panchayat Election: पंचायतों के पुनर्गठन-नवसृजन के बाद गांवों में गरमाई राजनीति, बिछने लगी चुनावी चौसर

Rajasthan Panchayat Election 2026: राजस्थान सहित सवाईमाधोपुर जिले में पंचायतों के पुनर्गठन व नवसृजन के बाद पंचायत चुनाव की तैयारियां तेज हो गई। गांवों में राजनीति गरमाई हुई है और चुनावी चौसर बिछने लगी है।

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Rajasthan Panchayat Election

पंचायत चुनाव। पत्रिका फाइल फोटो

सवाईमाधोपुर। पंचायतों के पुनर्गठन व नवसृजन के बाद राजस्थान सहित सवाईमाधोपुर जिले के गांवों में राजनीति की सरगर्मियां तेज हो गई हैं। हाल ही में जिला कलक्टर काना राम ने जिला परिषद एवं पंचायत समितियों के एकल सदस्यीय निर्वाचन क्षेत्रों (वार्डों) के पुनर्गठन/पुनर्सीमांकन का प्रारूप भी प्रकाशित कर दिया है। इसके बाद पंचायतराज चुनाव की हलचल और बढ़ गई है। गांवों में चुनावी बिसात बिछने लगी है।

जिला परिषद सवाईमाधोपुर में वर्ष 2021 में कुल 25 सीटें थी, जिन्हें अब बढ़ाकर 31 कर दिया गया है। वार्ड बढ़ने से ग्रामीण राजनीति में नेताओं के आगे आने के अवसर भी बढ़ गए हैं। वहीं जिले की आठ पंचायत समितियों में कुल 160 वार्ड गठित किए गए हैं। वार्ड गठन के हिसाब से संबंधित ग्राम पंचायतों में स्थानीय नेता सक्रिय हो गए हैं।

अतिरिक्त जिला कलक्टर संजय शर्मा ने बताया कि जिला परिषद सवाई माधोपुर के कुल 31 निर्वाचन क्षेत्र निर्धारित किए गए हैं। वहीं पंचायत समिति बामनवास में 23, बौंली में 19, मलारना डूंगर में 17, सवाई माधोपुर में 23, चौथ का बरवाड़ा में 21, खण्डार में 23, गंगापुर सिटी में 19 तथा वजीरपुर में 15 निर्वाचन क्षेत्र निर्धारित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि वार्डों के पुनर्गठन का प्रकाशित प्रारूप संबंधित उपखण्ड अधिकारी कार्यालय, पंचायत समिति कार्यालय एवं तहसील कार्यालय में आमजन के अवलोकन के लिए उपलब्ध है। इस प्रारूप के संबंध में कोई भी मतदाता अपनी लिखित आपत्ति 5 जनवरी तक संबंधित उपखण्ड अधिकारी, तहसीलदार अथवा जिला कलक्टर कार्यालय में प्रस्तुत कर सकता है। प्राप्त आपत्तियों के निस्तारण के बाद वार्डों का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा।

आरक्षण लॉटरी पर टिकी नजरें

हालांकि अभी निर्वाचन विभाग की ओर से पंचायत चुनावों की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है और ना ही आरक्षण के आधार पर सीटों का निर्धारण किया गया है, इसके बावजूद संभावित उम्मीदवारों ने तैयारियां शुरू कर दी है। अधिकतर निर्वाचन क्षेत्रों में दावेदारों की नजरें आरक्षण लॉटरी पर टिकी हुई हैं। गांव-गांव में चुनाव लड़ने के इच्छुक लोगों की सक्रियता दिखाई देने लगी है। लॉटरी में वार्ड आरक्षण तय होने के बाद कुछ नेता जिला परिषद व पंचायत समिति सदस्य चुनाव के लिए अपना निर्वाचन क्षेत्र बदल भी सकते हैं। वहीं लॉटरी में वार्ड दूसरे वर्ग के लिए आरक्षित होने पर कई नेता चुनावी दौड़ से बाहर भी हो सकते हैं।

जनसंख्या के आधार पर तय हुए वार्ड

इस बार वार्डों का निर्धारण पूरी तरह जनसंख्या के आधार पर किया गया है। जिन ग्राम पंचायतों की आबादी 3000 तक है, वहां 7 वार्ड बनाए गए हैं। इसके बाद प्रत्येक एक हजार की जनसंख्या बढ़ने पर दो-दो वार्ड बढ़ाए गए है। इस अनुपात में 9, 11, 13, 15 अथवा उससे अधिक वार्ड तय किए गए है, ताकि सभी वर्गों का समुचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जा सके। उधर, पंचायत समिति कैटेगरी में एक लाख की आबादी में 15 वार्ड रखे गए। ऐसे में जिस पंचायत समिति की आबादी एक लाख से 15 हजार अधिक है तो दो वार्ड जुड़ गए। 15000-15000 पर दो-दो वार्ड जुड़ने का फॉर्मूला रहा। ऐसे में ये आंकड़ा 15 से बढ़कर 17, 19, 21 तक जा सकता है। जिला परिषदों में 4 लाख की आबादी पर 17 वार्ड बनाए। परिषद में चार लाख से अधिक एक लाख की आबादी में दो वार्ड जोड़े गए। इस केस में भी ये आंकड़ा 17 से बढ़कर, 19, 21 आदि वाडों की संख्या का रहा।

नववर्ष की बधाई के बहाने ताल ठोक रहे

ग्रामीण इलाकों में नववर्ष और मकर संक्रांति की बधाई के होर्डिंग-बैनर व पोस्टरों के माध्यम से पंचायतराज संस्थाओं के चुनाव लड़ने के इच्छुक दावेदार आमजन के समक्ष ताल ठोक रहे हैं। ग्रामीणों को रिझाने के लिए क्रिकेट प्रतियोगिताओं, धार्मिक कार्यक्रमों आदि में नेता पहुंचकर सहयोग राशि दे रहे हैं। युवा नेताओं में भी पहली बार चुनाव लड़ने को लेकर खासी उत्सुकता नजर आ रही है। वरिष्ठ नेताओं के यहां भी टिकट के लिए हाजिरी लगाने लगे हैं।

यह रहेगा सदस्यों का आंकड़ा

क्रमपंचायत समितिपहलेअब
1मलारना डूंगर1717
2खंडार2523
3बामनवास1723
4बौंली2119
5चौथ का बरवाड़ा2121
6गंगापुर सिटी2319
7सवाई माधोपुर2123
8वजीरपुर15