
Sawaimadhopur heavy rain: सवाईमाधोपुर जिले के बामनवास क्षेत्र में स्थित मोरासागर बांध लंबे समय बाद ओवरफ्लो हुआ है। बांध पर वर्तमान में एक फीट की चादर चल रही है। ऐसे में जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने पानी के बहाव के चलते क्षेत्र में अलर्ट जारी कर दिया है।
दूसरी ओर बात करें बांधों की तो जिले में जल संसाधन विभाग के अधीन 17 बांध पूरी तरह छलक चुके हैं। विभाग के अधिकारियों ने अलर्ट जारी कर रखा है।
बता दें कि बांध की कुल भराव क्षमता 18.5 फीट है। बांध पर वर्तमान में एक फीट की चादर चल रही है। जल संसाधन विभाग की ओर से बांध की सुरक्षा को लेकर तैयारी कर रखी है। मौके पर पहुंचे अधिकारी मोरासागर बांध छलकने के बाद बुधवार को जल संसाधन विभाग के अधिकारी मोरासागर बांध पर डटे रहे। उन्होंने क्षेत्र के गांवों के लोगों को जागरूक किया।
साथ ही एक दर्जन से अधिक गांवों को अलर्ट जारी किया है। हालांकि मोरासागर बांध के लगातार दूसरे वर्ष छलकने पर किसानों के चेहरे खिले नजर आ रहे हैं। लंबे अंतराल के बाद मोरासागर बांध पर चादर चली है। ऐसे में किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध हो सकेगा।
एशिया के सबसे बड़े कच्ची मिट्टी के बांध में पानी की आवक को देखते हुए जलसंसाधन विभाग ने अलर्ट जारी किया है। जलसंसाधन विभाग दौसा अधिशासी अभियंता ने बुधवार को पत्र जारी कर कहा कि मोरेल नदी के जलग्रहण क्षेत्र में लगातार बारिश हो रही है। इससे मोरेल नदी का जलस्तर तेज गति से बढ़ रहा है। मोरेल बांध में भी लगातार पानी की आवक बढ़ने से ओवरफ्लो 2.6 फीट की चादर दोपहर तक चल रही थी, जो लगातार बढ़ रही है।
शाम 4 बजे तक मोरेल नदी का जलस्तर खतरे के निशान 1.83 मीटर को पार कर गया। इससे मोरेल बांध के अपस्ट्रीम में मटलाना, राजपुरा, बीजापुर, रुगली, बरेडी, फलवाड़िया की ढाणी, डोवा, मूंडयो, बगड़ी, खेरली, खटवा, बडेखण, सुंदरपुर, कांकरिया व समेल तथा डाउनस्ट्रीम में जोनपुरी, कुंडल, पीपलदा, सुखानपुरा, सांचोली, जस्टाना, धोराला, कानलोद, कल्याणपुरा, निमोद, करेल, फलसावटा, बहतेड़ में जलभराव की आशंका है।
बारिश के बाद निकटवर्ती सूरवाल बांध ओवरफ्लो हो गया है। बांध के छलकने पर वर्तमान में दस इंच की चादर चल रही है। उधर, सूरवाल बांध की दीवार क्षतिग्रस्त हो गई है। इससे पानी का तेज गति से बहाव हो रहा है। हालांकि दीवार क्षतिग्रस्त होेने के बाद जलसंसाधन विभाग के अधिकारियों ने एहतियात के तौर पर बांध की दीवार पर मिट्टी के कट्टे रखवाए हैं, लेकिन पानी का बहाव अधिक होने पर बांध की दीवार टूटने का खतरा बना हुआ है।
सूरवाल बांध के ओवरफ्लो होने व दीवार क्षतिग्रस्त होने के बाद ग्रामीणों को भी खतरे का अंदेशा बना हुआ है। बांध का पानी वर्तमान में गांव में आ रहा है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव की समस्या बनी है। लेकिन बांध की दीवार क्षतिग्रस्त होने से ग्रामीणों की चिंता और अधिक बढी हुई है। जिला प्रशासन व जल संसाधन विभाग ने सूरवाल बांध क्षेत्र के लोगों को अलर्ट किया है और सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। ग्रामीणों के अनुसार क्षेत्र में अभी बारिश का दौर चल रहा है, यदि आगामी दिनों में पहले की तरह तेज बरसात होती है तो सूरवाल बांध की दीवार टूटने का खतरा बना हुआ है।
मोरा सागर बांध में एक फीट की चादर चल रही है। ऐसे में बांध के आसपास क्षेत्रों के करीब 14 गांवों में अलर्ट जारी कर दिया है।
-अरुण शर्मा, अधिशासी अभियंता, जल संसाधन विभाग सवाईमाधोपुर