सवाई माधोपुर

PKC-ERCP: डूंगरी बांध परियोजना को लग सकता है बड़ा झटका, आक्रोशित ग्रामीणों ने किया विशाल महापंचायत ऐलान

Dungri Dam Project: संघर्ष समिति ने कहा कि यदि कोई पटवारी या राजस्वकर्मी जबरन सर्वे करेगा या किसानों के दस्तावेज ले जाएगा तो ग्रामीण सख्त कदम उठाने पर मजबूर होंगे।
2 min read
Dungri Dam project
महावीर पार्क में एकत्रित ग्रामीण। फोटो- पत्रिका

राजस्थान के सवाईमाधोपुर में डूंगरी बांध परियोजना के विरोध में चल रहा आंदोलन थमने का नाम नहीं ले रहा है। डूंगरी बांध परियोजना के खिलाफ चल रहे आंदोलन ने और जोर पकड़ लिया। संघर्ष समिति और प्रभावित गांवों के पंच-पटेलों ने जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपकर प्रशासनिक स्तर पर हो रही कथित अवैध कार्रवाइयों पर कड़ा एतराज जताया।

जानकारी के अनुसार तहसीलदार खंडार ने भूरी पहाड़ी, डूंगरी, तालडा, बसों खुर्द सहित कई गांवों की भूमि के नक्शे और ट्रेस सीधे पीकेसी ईआरसीपी को भेजने की बात सामने आई थी। जैसे ही यह मामला ग्रामीणों के संज्ञान में आया। लोग आक्रोशित हो उठे और महावीर पार्क में एकत्रित होकर नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे।

प्रतिनिधिमंडल ने की कलक्टर से मुलाकात

कलक्ट्रेट पर पहुंचे आंदोलनकारियों में से 21 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलक्टर से मुलाकात की। इसमें पूर्व विधायक मोतीलाल मीणा, कमलेश पटेल (डूंगरी), कालूराम पटेल भूरीपहाड़ी, महेश मीणा, खल्लाक खान, मुकेश भूप्रेमी, अमर सिंह मीणा, मुकेश मीणा सरपंच, पिंटू चेची सरपंच, बीसी पढ़ाना, सीताराम सरपंच, घमंडी सरपंच, रामनिवास सरपंच, प्रहलाद मीणा, हनुमान पटेल सहित विभिन्न गांवों के प्रतिनिधि शामिल रहे।

प्रतिनिधिमंडल ने कलक्टर से कहा कि यदि इस परियोजना को तत्काल प्रभाव से निरस्त नहीं किया गया तो जिले में बड़ा व्यापक आंदोलन होगा। इससे हालात बिगड़ सकते हैं और जनहानि तक की नौबत आ सकती है। इस दौरान संघर्ष समिति ने जिला प्रशासन को 100 से अधिक पन्नों के विभिन्न दस्तावेज सहित ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी कि यदि किसी भी किसान की जमीन से संबंधित दस्तावेज, नक्शा या ट्रेस सरकारी कार्यालयों में भेजे गए, तो गांव वाले इसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेंगे।

प्रशासन को दी चेतावनी

संघर्ष समिति ने कहा कि यदि कोई पटवारी या राजस्वकर्मी जबरन सर्वे करेगा या किसानों के दस्तावेज ले जाएगा तो ग्रामीण सख्त कदम उठाने पर मजबूर होंगे। ग्रामीणों ने प्रशासन को अवगत कराया कि 31 अगस्त को चकेरी गांव में विशाल महापंचायत होगी। यदि इस बीच सरकार ने कोई जबरन सर्वे की कार्रवाई की, तो महापंचायत के माध्यम से आंदोलन को और बड़ा रूप दिया जाएगा।

यह वीडियो भी देखें

कलक्टर ने दिया आश्वासन

जिला कलक्टर ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि इस मामले को सरकार तक गंभीरता से पहुंचाया जाएगा और जिले में किसी भी प्रकार की अशांति या जनहानि की स्थिति नहीं बनने दी जाएगी।

Updated on:
19 Aug 2025 03:19 pm
Published on:
19 Aug 2025 03:18 pm