सवाई माधोपुर

Rajasthan Rain: बर्बादी के निशान छोड़ गया सूरवाल बांध का पानी, जड़ावता गांव में बनी खाई, तस्वीरों में देखें तबाही का मंजर

Sawai madhopur Flood: पानी से हुई तबाही का मंजर देखकर हर कोई चिंतित नजर आ रहा है। जड़ावता क्षेत्र में ग्रामीण जनजीवन अब तक पूरी तरह से अस्त-व्यस्त है।

4 min read
Photo- Patrika

Sawai madhopur Flood: आंखों के सामने अपने खेत व मकान ढहते देखकर लोगों की दर्द भरी पीड़ा साफ झलक रही है। हालांकि प्रशासिनक अमला व जनप्रतिनिधि पूरे लवाजमे के साथ जड़ावता गांव में दौड़-भाग कर रहे हैं, लेकिन यह दौड़ भाग कुछ दिन पहले होती तो शायद परिणाम कुछ और ही देखने को मिलते।

पानी से हुई तबाही का मंजर देखकर हर कोई चिंतित नजर आ रहा है और प्रशासन के नकारा सिस्टम को कोसते नजर आ रहे है। जड़ावता क्षेत्र में ग्रामीण जनजीवन अब तक पूरी तरह से अस्त-व्यस्त है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासनिक अधिकारी पहले ही चेत जाते तो आज गांव में यह समस्या नहीं आती। पानी के तेज बहाव से कई लोगों के घर उजड़ गए है।

ये भी पढ़ें

Weather Alert: देर शाम पलटी मारेगा मौसम, रात 8 बजे से पहले भारी बारिश की चेतावनी, रहें सावधान

नहरें पड़ी सूखी, दूसरी जगहों से बहा पानी

सूरवाल बांध पर वर्तमान में भी एक फीट नौ इंच की चादर चल रही है। ऐसे में पानी का बहाव तेज गति से गांवों की ओर हो रहा है, लेकिन प्रशासन व जल संसाधन विभाग की लापरवाही से क्षेत्र की नहरें सूखी पड़ी हैं।

सूरवाल बांध का आ रहा पानी नहरों में छोड़ा जा सकता था, लेकिन नहरे में पानी छोड़ने के कोई इंतजाम नहीं किए। इसका का परिणाम है कि अब सूरवाल, जड़ावता सहित कई गांवों में बाढ़ के जैसे हालात बने है और अब तक हालात सामान्य नहीं है।

मिट्टी का कटाव होकर खाइयां बनी जमीन

जड़ावता के किसानों की आजीविका का मुख्य साधन खेती है। ऐसे में अधिकतर लोग अमरूदों की बागवानी करते है। अधिकतर ग्रामीणों के अमरूदों के बगीचे लगे है। लेकिन पानी के तेज बहाव से अमरूदों के खेतों से मिट्टी का कटाव हो गया है और दूर-दूर तक खाइयां बन गई है।

जल निकासी के नहीं इंतजाम

सूरवाल क्षेत्र में लोगों ने जगह-जगह अवैध कब्जा कर रखा है। यहां जल निकासी के कोई इंतजाम नहीं है। ऐसे में भारी बारिश होने व सूरवाल बांद का पानी आने से जल निकासी के इंतजाम पूरी तरह से फेल नजर आए। ग्रामीणों का है कि तेज पानी के बहाव को लेकर जिला प्रशासन से कई बार गुहार लगा चुके हैं लेकिन प्रशासन ने कोई ध्यान नहीं दिया।

नदी देखने उमड़े लोग

गलवा बांध पर चल रही 6 फीट की चादर

चौथ का बरवाड़ा उपखंड क्षेत्र में दो दिनों तक हुई तेज बारिश से आमजन का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। अब बारिश का दौर कम होने और पानी उतरने लगा है, लेकिन समस्याएं अभी भी कम नहीं हुई हैं। टोंक जिले के उनियारा स्थित गलवा बांध की 6 फीट की चादर चलने से पहली बार आसपास के गांवों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई।

इनका कहना है….

पानी का बहाव तेजी गति से आ रहा था। ऐसे में जल निकासी के लिए नहरों की क्षमता कम है। ग्रामीणों की मांग पर जड़ावता माइनर पर कटाव को हटा दिया है। इससे अब जड़ावता गांव में पानी का बहाव कम हो गया है।

अरुण शर्मा, अधिशासी अभियंता, जल संसाधन विभाग सवाईमाधोपुर

तस्वीरों में देखें हालात

Photo: patrika

मलारना डूंगर. टापू से ग्रामीणों को पकड़ कर लाते तहसीलदार व पटवारी।

Photo- Patrika

क्षेत्र में हुई अतिवृष्टि के बाद मोरेल नदी रोद्र रूप में बही। पानी के बहाव में भाड़ौती-मथुरा मेगा हाइवे पर बहतेड़ मोरेल नदी की रपट बह गई। इससे गंगापुरसिटी-सवाईमाधोपुर का सीधा संपर्क कट गया। फोटो अब्दुल माहिर (ड्रोन सहयोग मोहम्मद तारिक)

Photo- patrika

शिवाड़ -जामडोली सड़क मार्ग बारिश से क्षतिग्रस्त।

Photo- Patrika

मलारना डूंगर. बनास नदी के पानी से घिरे लोगों को रेस्क्यू करने जाती एसडीआरएफ टीम।

Photo- Patrika

मलारना डूंगर. बिलोली नदी कांटड़ा ढाणी में पानी से घिरे घर।

Photo- Patrika

मलारना चौड़ बैरवा मौहल्ले गिरे कच्चे घर

ये भी पढ़ें

Heavy Rain Alert : राजस्थान में चार दिन भारी बारिश का अलर्ट, 11 जिलों में स्कूलों में छुट्टी

Also Read
View All

अगली खबर