रणथम्भौर में बाघों का कुनबा बढ़ने के साथ ही अब विचरण क्षेत्र कम पड़ने लगा है। ऐसे में बाघ टेरेटरी की तलाश में अन्य टाइगर रिजर्व और जंगलों में शरण लेने लग गए हैं।
सवाईमाधोपुर: रणथम्भौर का एक युवा बाघ टी-139 रणथम्भौर के जोन दस से निकलकर बूंदी के इंद्रगढ़, लाखेरी वन क्षेत्र की ओर चला गया है। वन विभाग के फोटो ट्रैप कैमरे में इसकी फोटो भी कैद हुई है। वन विभाग की ओर से बाघ की ट्रेकिंग के प्रयास भी किए जा रहे हैं।
रणथम्भौर और रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व पहले से ही प्राकृतिक टाइगर कॉरिडोर से एक दूसरे से जुड़े हैं। पूर्व में कई बार रणथम्भौर के बाघ रणथम्भौर से निकलकर इंद्रगढ़, लाखेरी से होते हुए बूंदी के रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व तक पहुंच चुके हैं।
रणथम्भौर के जंगल से निकलकर बूंदी के इंद्रगढ़ वन क्षेत्र में बाघ के जाने पर स्थानीय वनाधिकारियों ने रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व के अधिकारियों को इस संबंध में सूचना दी है।
हालांकि, रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व के अधिकारियों का कहना है कि रणथम्भौर से सूचना तो मिली है। लेकिन अभी तक यह बाघ रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व में नहीं पहुंचा है।