
सवाईमाधोपुर। प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के तहत केंद्र सरकार ने उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए 78 हजार रुपए की सब्सिडी समय पर खातों में पहुंचाकर भरोसा कायम रखा है। लेकिन राजस्थान सरकार की ओर से घोषित 17 हजार रुपए की अतिरिक्त राशि आठ माह बाद भी अधर में लटकी हुई है।
नतीजा यह है कि छतों पर सोलर पैनल तो चमक रहे हैं, पर सब्सिडी के इंतजार में जनता का उत्साह फीका पड़ गया है। योजना का सबसे बड़ा आकर्षण ही जब अधूरा रह गया तो उपभोक्ताओं को इसका वास्तविक लाभ नहीं मिल पा रहा है और नाराजगी लगातार बढ़ रही है।
जानकारी के अनुसार जिले में प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के तहत 912 उपभोक्ताओं ने अपने घरों में सोलर पैनल लगवाए हैं, लेकिन अभी तक सभी उपभोक्ताओं के खाते में 17 हजार रुपए की सब्सिडी नहीं आई है। इससे उपभोक्ताओं को परेशानी झेलनी पड़ रही है। लाभार्थियों का कहना है कि उन्होंने योजना पर भरोसा कर निवेश किया, लेकिन सब्सिडी न मिलने से आर्थिक बोझ बढ़ गया है। शिकायतें करने पर विभागीय अधिकारियों की ओर से सिर्फ इतना कहा जा रहा है कि जल्द ही सब्सिडी आना शुरू हो जाएगी। ऐसे में उपभोक्ता सवाल उठा रहे हैं कि आखिर राज्य सरकार की घोषणा कब पूरी होगी।
केंद्र सरकार की सब्सिडी 78 हजार रुपए प्रतिमाह खातों में पहुंच रही है जबकि राज्य सरकार की सब्सिडी 17 हजार रुपए की घोषणा आठ माह पहले हुई थी, लेकिन अब तक राशि नहीं आई। राज्य सरकार ने बजट में कहा था कि जिन उपभोक्ताओं को वर्तमान में 100 यूनिट मुफ्त बिजली मिल रही है, अगर वे सोलर लगवाते हैं तो उन्हें 150 यूनिट तक मुफ्त बिजली मिलेगी। लेकिन यह दावे अब खोखले साबित हो रहे हैं। सब्सिडी नहीं आने से उपभोक्ता परेशान हैं।
इस योजना का उद्देश्य ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देना, कार्बन उत्सर्जन कम करना, पर्यावरण संरक्षण, बिजली बिलों में राहत देकर आमजन को आर्थिक लाभ पहुंचाना था। इस योजना में सब्सिडी ही सबसे बड़ा आकर्षण था। अगर यह समय पर मिल जाए तो योजना का लाभ दोगुना होगा और जनता का भरोसा भी कायम रहेगा।
प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना में वेंडर प्रक्रिया के कारण मामला अटका हुआ है। वेंडर ही पैनल की सप्लाई, इंस्टॉलेशन और गुणवत्ता की जिम्मेदारी निभाते हैं। प्रक्रिया पूरी होते ही लाभार्थियों के खातों में सब्सिडी भेजना शुरू कर दिया जाएगा।
-बीएल मीणा, अधीक्षण अभियंता, विद्युत निगम सवाईमाधोपुर