बाघ ने एक बार फिर इंसान को निशाना ( death in tiger attack ) बनाया है। इस बार बाघ के हमले में एक दस वर्षीय मासूम की जान चली गई है। बाघ ने रविवार को शाम करीब पांच बजे रणथम्भौर बाघ परियोजना ( Ranthambore Tiger Project ) के जोन दस के समीप स्थित डांगरपाडा गांव में एक बच्चे पर हमला ( tiger attack in ranthambore ) कर उसकी जान ली है।
सवाईमाधोपुर.
रणथम्भौर राष्ट्रीय उद्यान में बाघ ने एक बार फिर इंसान को निशाना ( death in tiger attack ) बनाया है। इस बार बाघ के हमले में एक दस वर्षीय मासूम की जान चली गई है। बाघ ने रविवार को शाम करीब पांच बजे रणथम्भौर बाघ परियोजना ( Ranthambore Tiger Project ) के जोन दस के समीप स्थित डांगरपाडा गांव में एक बच्चे पर हमला ( tiger attack in ranthambore ) कर उसकी जान ली है। मृतक नीरज बैरवा(10) पुत्र भूरिया निवासी कुण्डेरा है। सूचना के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई है। हालांकि अब तक हमलावर बाघ कौनसा है इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है।
बेटे के लिए बाघ से भिड़ी मां ( SAWAI MADHOPUR NEWS )
बाघ के हमले में बच्चे की मां सीमा देवी भी घायल हुई है। ग्रामीणों ने बताया कि बाघ ने पहले बच्चे पर हमला किया। ऐसे में अपने बेटे को बचाने के लिए मां बाघ से भिड़ गई। बाघ के हमले में मां भी घायल हुई है। हमले में मां के अधिक चोटे नहीं आई है। हालांकि बाद में ग्रामीणों के शोर मचाने पर बाघ मौके से भाग गया।
कर रखा था गाय का शिकार
वनाधिकारियों ने बताया कि बाघ ने जंगल की सीमा पर गाय का शिकार कर रखा था। मां बेटा बाघ के शिकार के पास पहुंच गए। ऐसे में बाघ ने अपने शिकार के बचाव के लिए बच्चे व उसकी मां पर हमला कर दिया।
ग्रामीणों ने लगाया वन विभाग पर लापरवाही का आरोप
ग्रामीणों ने बताया कि गांव के आसपास कई दिनों से बाघ का मूवमेंट बना हुआ था। इस संबंध में पूर्व में कई बार वन विभाग को सूचना दी थी। लेकिन इसके बाद भी वन विभाग के अधिकारियों ने बाघ को रेसक्यू करके जंगल में छोडऩे की जहमत नहीं उठाई ऐसे में यह हादसा हो गया।
बेहोश हो गई मां
बाघ के हमले में बेटे की मौत के बाद मां मौके पर ही बेहोश हो गई। जिसे ग्रामीण उठाकर गांव में लेकर आए। अपने बेटे को खो देने के बाद मां का रो रो कर बुरा हाल है और बेसुध हो रही है।
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