लो प्रेशर जोन बनने से मार्च महीने के तीसरे सप्ताह में मौसम के मिजाज बिगड़ गए हैं। शनिवार को दिनभर धूप-छांव की स्थिति बनती रही, वही अब आगामी दिनों में बारिश होने का पूर्वानुमान है। मौसम विभाग की भविष्यवाणी के मुताबिक बारिश हुई तो इससे फायदा कम, लेकिन खेत में पककर खड़ी और कटी पड़ी […]
लो प्रेशर जोन बनने से मार्च महीने के तीसरे सप्ताह में मौसम के मिजाज बिगड़ गए हैं। शनिवार को दिनभर धूप-छांव की स्थिति बनती रही, वही अब आगामी दिनों में बारिश होने का पूर्वानुमान है। मौसम विभाग की भविष्यवाणी के मुताबिक बारिश हुई तो इससे फायदा कम, लेकिन खेत में पककर खड़ी और कटी पड़ी फसल को नुकसान होगा। इससे किसान चिंतित हैं। मौसम बदलने से तापमान में लगातार इजाफा जारी है। सीहोर आरएके कृषि कॉलेज के मौसम वैज्ञानिक डॉक्टर सत्येंद्रसिंह तोमर ने बताया कि शनिवार को न्यूनतम तापमान 15.7 और अधिकतम 38.5 डिग्री सेल्सियस रेकॉर्ड हुआ है। उत्तर-पश्चिम से 13 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चली। दिन के तापमान में बढ़त होने से लोगों को गर्मी और उमस का सामना करना पड़ा।
मौसम वैज्ञानिक डॉक्टर तोमर ने बताया कि आगामी दिनों में मौसम बदलने का था, लेकिन पूरे देश में होली जलने के कारण लो प्रेशर जोन की स्थिति बनने से समय से पहले ऐसा हो गया है। जिसका असर आसमान में बादल छाए रहने से दिखने लगा है। यह आगे जाकर बारिश में बदल सकता है। हालांकि बारिश कितनी क्या होगी उसका कहना मुश्किल है।
गर्मी का मौसम दस्तक देते ही इससे निजात दिलाने वाले इलेक्ट्रॉनिक सामान कूलर, पंखे, एसी, फ्रीज की बिक्री तेज हो गई है। अभी देखे तो इनका ही सबसे अधिक दुकान से उठाव हो रहा है। दिन और रात में लगातार इन सभी सामान के चलने से बिजली की खपत भी बढ़ती जा रही है। बता दे कि हर साल मार्च से शुरू हुई गर्मी अप्रेल, मई के साथ ही जून में भी अपने तीखे तेवर दिखाती है।
आरएके कॉलेज सीहोर के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एसएस तोमर ने बताया कि लो प्रेशर जोन की स्थिति बनने से मौसम में बदलाव हुआ है। आगामी दिनों में बारिश होने के भी आसार हैं। अभी दिन के तापमान में लगातार बढ़त का सिलसिला जारी है।