Nautapa : नौतपा में गर्मी से कोई राहत के आसार नहीं। मौसम विभाग का पूर्वानुमान-10 से 15 जून तक एमपी में मानसून दस्तक देगा।
Nautapa Begins Today : सोमवार से नौतपा का आगाज हो गया है और ये 02 जून तक चलेगा। पंचांग और ज्योतिष शास्त्र बताते हैं कि, नौतपा की शुरुआत तब होती है जब सूर्य देव रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते हैं। इन 9 दिनों के दौरान सूर्य की किरणे सीधे धरती पर पड़ती हैं, जिससे गर्मी अपने चरम पर होती है और लू चलती है। इससे आमजन की परेशानी बढ़ने वाली है। इधर, मानसून को लेकर भी मौसम विभाग का पूर्वानुमान सामने आया है। 10 से 15 जून तक एमपी में मानसून दस्तक देगा।
बात करें मध्य प्रदेश के सीहोर की तो रविवार को शहर का अधिकतम तापमान 43.5 और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ है। पश्चिम तरफ से 15 से 21 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चली। इसके बावजूद गर्मी से कोई राहत नहीं मिल पाई। गर्मी इतनी तेज थी कि घर, दुकानों में लगे कूलर, पंखे गर्म हवा फेंकने लगे थे तो दोपहर में बाजारों की सडक़ें सुनसान हो गई थी। कुछ एक लोग निकल रहे थे तो उनका चेहरा टॉवेल, रूमाल आदि से बंधा हुआ था। इससे उनको परेशानी का सामना करना पड़ा।
मौसम विभाग के अनुसार, अभी लो प्रेशर जोन की स्थिति बनी हुई है। इस साल मानसून भी जल्दी दस्तक देने वाला है। 26 या 27 मई तक केरल और मध्यप्रदेश में 10 से 15 जून तक मानसून दस्तक देने का पूर्वानुमान है। इसके बाद ही लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिलती दिख रही है।
आर.ए.के कृषि कॉलेज सीहोर के मौसम वैज्ञानिक डॉ. सत्येंद्र सिंह तोमर का कहना है कि, इस साल मानसून दस्तक देने का पूर्वानुमान है। उससे पहले तापमान अधिक रहने से गर्मी से आमजन को कोई राहत नहीं मिलेगी।
सीएमएचओ डॉ. सुधीर कुमार डेहरिया ने बताया कि स्वास्थ्य संस्थाओं के प्रभारी अधिकारियों को सतत निगरानी व उपचार के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही सभी स्वास्थ्य कर्मियों का उन्मुखीकरण भी किया जा रहा हैं। सभी स्वास्थ्य संस्थाओं के अधिकारियों को आने वाले मरीजों की लू के लक्षणों की जांच, उचित प्रबंधन, ठंडे पेयजल की व्यवस्था व वार्ड में शीतलता के लिए पंखों की व्यवस्था करने कहा है।
उन्होंने बताया कि तेज धूप व ज्यादा देर तक रहना लू लगने का प्रमुख कारण होता है। इससे शरीर में पानी की कमी हो जाती है जिससे इलेट्रो राइड का असंतुलन हो जाता हैं। लू से बचाव के लिए नियमित पानी पीते रहे। धूप में बाहर निकलते समय शरीर को सूती वस्त्रों से ढांक कर रखे। मदिरा, चाय, काफी इत्यादि का अत्याधिक सेवन न करें।