एटीएम के जरिए करते थे धोखाधड़ी, कार और कपड़ों का पूरा करते थे शौक
शहडोल- शहर सहित प्रदेश और अन्य प्रांतों में एटीएम बदलकर धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करने में शहडोल पुलिस के हाथ सफलता लगी है। पुलिस के अनुसार एक कम्प्यूटर हार्डवेयर इंजीनियर ने इस गैंग को बनाया था। मुख्य सरगना ने अपने साथियों को ट्रेनिंग देने के बाद एटीएम में कार्ड बदलकर हेरफेर कराता था। गुरूवार को शहडोल पुलिस ने मामले का खुलासा किया। लगातार एटीएम में हो रही घटनाओं के बाद आईजी आईपी कुलश्रेष्ठ व डीआईजी आरके अरूसिया के निर्देशन में एसपी सुशांत सक्सेना ने अलग अलग टीम बनाई थी। पुलिस ने संदेह के आधार पर शिवम उरमलिया को हिरासत में लिया।
जहां पर आरोपी शिवम ने अपने मौसेरे भाई इंजीनियर धीरज के साथ वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया। पुलिस ने शिवम उरमलिया निवासी संजयनगर, धीरज तिवारी निवासी सतना और शहडोल, सुनील सिंह निवासी जयसिंहनगर, विवेक सोनी निवासी जयसिंहनगर, बेटू उर्फ विजय सिंह निवासी ब्यौहारी और एक अन्य नाबालिग आरोपी को गिरफ्तार किया है। गैंग का मास्टर माइंड कम्प्यूटर हार्डवेयर इंजीनियर धीरज था। पुलिस के अनुसार सभी आरोपी एटीएम में कार्ड बदलकर धोखाधड़ी करते थे। पुलिस आरोपियों से सामान बरामद करने के बाद पूछताछ कर रही है।
मामले में अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ देशभर में फैले बड़े रैकेट का पर्दाफाश करने में सुराग मिल सकता है। पर्दाफाश में एसडीओपी एसएस बघेल, टीआई अरूण पांडेय, सतीश द्विवेदी, सुदीप सोनी, भानूप्रताप सिंह, सुभाष दुबे, दिलीप सिंह, विनोद तिवारी, लक्ष्मीनारायण, सत्यप्रकाश की भूमिका रही।
कार और कपड़ों का पूरा करते थे शौक
पुलिस के अनुसार आरोपी वारदात कार और महंगे कपड़ों के शौक को पूरा करने के लिए करते थे। पुलिस ने आरोपियों से एक कार, एक बाइक, एक टीवी, तीन मोबाइल और ब्रांडेड कपड़े और जूते जब्त किए हैं। इसके अलावा कई एटीएम कार्ड भी जब्त हुए हैं।
दर्जनों जगहों में कर चुके हैं वारदात
एसपी सुशांत सक्सेना ने बताया कि आरोपियों ने शहडोल के कोतवाली, बुढ़ार, गोहपारू, जयसिंहनगर, ब्यौहारी में 9 वारदातों का खुलासा किया है। इसी तरह डिंडौरी में भी वारदात की थी। उधर आरोपियों ने भोपाल में मांगीलाल सिकलवार के एटीएम से 6 हजार, महाराष्ट्र में सर्वेश्वर शाह से 10 हजार, रश्मि सेन नरसिंहपुर के एटीएम से 6600 रूपए, कटनी निवासी दिलीप लखेरा से 41 हजार रूपए, जबलपुर निवासी परमेन्द्र पटेल से 45 सौ, देवलोंद में विमला वैस से 43 हजार, बुढ़ार निवासी मूलचन्द्र से 18 सौ रूपए निकाले हैं।