
The Central Government Opened The Treasury for tribal children
शहडोल। केंद्र सरकार ने आदिवासी अंचल के लिए बड़ी सौगात दी है। केंद्र सरकार ने घोषणा की है कि देश में जितने भी आदिवासी ब्लॉक हैं, उनमें 2022 तक एकलव्य आवासीय स्कूल खुलेगा। केन्द्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने अपने बजट के पिटारे से आदिवासी शिक्षा के लिये यह सौगात दी है। इस पर यदि अमल हुआ तो शहडोल संभाग में आदिवासी शिक्षा एक नई उड़ान भरेगी। वर्ष 2018-19 के शिक्षा बजट में 2022 तक प्रत्येक आदिवासी विकास खण्डो में एकलब्य विद्यालय खोले जाने की बात कही गई है। यदि ऐसा हुआ तो निश्चय ही इस आदिवासी बाहुल्य शहडोल संभाग में निवास करने वाले आदिवासी परिवारों को इसका लाभ मिलेगा। यदि बजट में किये गये वायदे पर अमल हुआ तो शहडोल संभाग के ९ आदिवासी विकास खण्डो को इसका लाभ मिलेगा और यहां निवास करने वाले आदिवासी परिवारों को गुणवत्ता युक्त शिक्षा के लिये एक बेहतर शैक्षणिक संस्थान मुहैया हो सकेगा। जिससे कि इस संभाग की शिक्षा में ग्रोथ बढऩा तय है।
इन विकास खण्डो को मिलेगा लाभ
शिक्षा बजट में मिली उक्त सौगात का लाभ शहडोल संभाग के 9 विकास खण्डो को मिलेगा। जिसमें शहडोल जिले के सोहागपुर, बुढ़ार, गोहपारू व जयसिंहनगर विकास खण्ड, अनूपपुर जिले के अनूपपुर, पुष्पराजगढ़, कोतमा व जैतहरी के साथ ही उमरिया जिले के पाली ब्लाक में एकलब्य विद्यालय खुल सकता है।
क्या होगा लाभ
संभाग के उक्त आदिवासी विकास खण्डो में एकलब्य विद्यालय खुलने से आदिवासी परिवारों के बच्चों को बेहतर शिक्षा के लिये एक अच्छा शैक्षणिक संस्थान मिल जायेगा। जहां आदिवासी परिवार के बच्चों को बेहतर शिक्षा का माहौल मिलेगा साथ ही उन्हे रहने, खाने के साथ ही अन्य गतिविधियों की भी नि:शुल्क सुविधा मुहैया हो सकेगी। इस आदिवासी बाहुल्य संभाग में निवास करने वाले आदिवासी परिवारों के बच्चों के लिये शिक्षा के क्षेत्र में यह सबसे बड़ी सौगाती होगी। आवश्यक्ता है तो इसके जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन की यदि ऐसा हुआ तो निश्चय ही आदिवासी बच्चों के लिये हितकर होगा।
Published on:
01 Feb 2018 10:38 pm
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