शहडोल

एक सीधी ट्रेन कैसे बन सकती है संजीवनी

आखिर कहां के लोगों के लिए सीधी ट्रेन करेगी संजीवनी का काम

2 min read
Dec 05, 2017
How can a direct train become Sanjivani ?

शहडोल- शहडोल से नागपुर सीधी ट्रेन की मांग को लेकर शहर के हर वर्ग के लोग एक स्वर में बोल रहे हैं कि नागपुर के लिए सीधी ट्रेन मिले तो मरीजों के लिए संजीवनी का काम करेगी। व्यापारी, राजनैतिक, मरीज-डॉक्टर, आम लोग सहित अधिकारी-कर्मचारी भी शहडोल संभाग से सीधे नागपुर ट्रेन को जरूरी बता रहे हैं। इसके पूर्व नागपुर ट्रेन को लेकर अनेको आंदोलन और प्रदर्शन हो चुके हैं। हर कोई एक स्वर में कह रहा है की नागपुर के लिए एक सीधी ट्रेन होनी चाहिए।

उमरिया, शहडोल, अनुपपुर संभाग के तीन जिले के लोगों का नागपुर आना-जाना लगा ही रहता है। यहां के ज्यादातर लोग इलाज के लिए नागपुर ही जाना पसंद करते हैं। मरीज के ज्यादा गंभीर हो जाने के बाद यहां के डॉक्टर भी पेसेंट को नागपुर भेजना ही सही समझते हैं। लेकिन ऐसों लोगों के लिए सबसे बड़ी बाधा बनती है यहां से सीधी ट्रेन ना होना। अगर नागपुर के लिए यहां से सीधी ट्रेन मिल जाती है। तो यहां के लोगों के लिए ये बहुत बड़ी सुविधा हो जाएगी। व्यापारिक नजरिए से भी नागपुर के लिए सीधी ट्रेन होने पर यहां के लिए शानदार हो जाएगा।

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सीधे नागपुर ट्रेन चले तो राहत होगी
व्यापारी सुनील माधवानी कहते हैं यहां से 80 प्रतिशत मरीज नागपुर के लिए जाते हैं। मरीजों को नागपुर तक जाने के लिए परेशानियों से जूझना पड़ता है। सीधे नागपुर तक ट्रेन चले तो राहत होगी।

प्रतिदिन मरीज नागपुर जाते हैं
व्यापारी बलराम बासरानी कहते हैं यहां से हर दिन 50 से 10 मरीज और उनके परिजन ट्रेन से नागपुर जाते हैं। बिलासपुर और कटनी से होकर नागपुर जाने में समय और पैसों की बर्बादी होती है।

मरीजों के साथ व्यापारी वर्ग भी प्रभावित रहता है
व्यापारी आकाश जगवानी कहते हैं सीधी ट्रेन बेहद जरूरी है। मरीजों के साथ-साथ व्यापारी वर्ग भी प्रभावित रहता है। लंबे समय से क्षेत्र की यह प्रमुख समस्या है। इसका निदान होना चाहिए।

मेरे परिजनों का भी इलाज वहीं से चल रहा
व्यापारी दिलीप लोधयानी मेरे परिजन का इलाज भी नागपुर में चल रहा है। यहां से सीधे ट्रेन न होने पर हम लोग बिलासपुर में ट्रेन का इंतजार करना पड़ता है। जिससे काफी परेशानी होती है।

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Published on:
05 Dec 2017 02:02 pm
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