
Photocopy Shop: मध्य प्रदेश में रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई का सिलसिला लगातार जारी है। लगभग हर दूसरे दिन कहीं न कहीं लोकायुक्त (Lokayukta Action) रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों को रिश्वत (Bribe) लेते हुए रंगेहाथों पकड़ रही है लेकिन इसके बावजूद रिश्वतखोर बाज आते नजर नहीं आ रहे हैं। ताजा मामला मध्यप्रदेश के शहडोल जिले के ब्यौहारी का है, जहां तहसील कार्यालय में पदस्थ बाबू को रीवा लोकायुक्त की टीम ने रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ा है।
फरियादी रमेश रजक निवासी वार्ड क्रमांक-3 बाणसागर देवलौंद, तहसील ब्यौहारी, जिला शहडोल ने बीते दिनों रीवा लोकायुक्त कार्यालय में ब्यौहारी तहसील कार्यालय में पदस्थ बाबू लल्लू प्रसाद प्रजापति के खिलाफ रिश्वत मांगने की शिकायत दर्ज कराई थी। अपनी शिकायत में फरियादी रमेश रजक ने बताया कि उसके नाम पर खेर माता रोड पर एक दुकान है। इस दुकान को दिसंबर 2017 में उसने दिलीप सोनी को किराए पर दिया था। बाद में दुकान को खाली कराने को लेकर उसका दिलीप सोनी से विवाद हुआ था। दोनों पक्षों की ओर से थाना देवलौद में एफआईआर कराई गई थी और प्रकरण तहसील न्यायालय ब्यौहारी में विचाराधीन है। जब वो केस के संबंध में तहसील कार्यालय के बाबू लल्लू प्रसाद प्रजापति के पास पहुंचा तो बाबू ने उससे कहा कि एक लाख रुपये दो तो मैं एसडीएम साहब से तुम्हारे पक्ष में आदेश करवा दूंगा।
फरियादी रमेश रजक के मुताबिक बातचीत करने पर 75 हजार रुपये रिश्वत देना तय हुआ। रमेश रजक की शिकायत की लोकायुक्त टीम ने जांच की तो शिकायत सही पाई गई। मंगलवार (02 जून 2026) को लोकायुक्त की टीम ने फरियादी रमेश रजक को रिश्वतखोर बाबू लल्लू प्रसाद प्रजापति को रिश्वत के 75 हजार रुपये देने के लिए भेजा। बाबू ने तहसील कार्यालय के सामने फोटोकॉपी की दुकान पर रिश्वत देने के लिए फरियादी को बुलाया और जैसे ही रिश्वत के रूपये लिए तो लोकायुक्त की टीम ने उसे रंगेहाथों गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के विरुद्ध धारा 7 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 संशोधन अधिनियम 2018 के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर कार्रवाई की गई है।
इधर जबलपुर में मंगलवार को लोकायुक्त की टीम ने एक राजस्व निरीक्षक को 80 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ा है। शाहपुरा तहसील में पदस्थ राजस्व निरीक्षक करण सिंह लोधी के खिलाफ रोहित जैन नाम के फरियादी ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में फरियादी ने बताया कि राजस्व निरीक्षक करण सिंह लोधी उसकी जमीन का सीमांकन करने के एवज में 1 लाख रुपये रिश्वत मांग रहे थे और बातचीत करने पर सौदा 80 हजार रुपये में तय हुआ है।