MP News: निर्माण कार्य के मूल्यांकन के एवज में 20 हजार रुपये रिश्वत मांग रही थी लेडी सब इंजीनियर, रीवा लोकायुक्त की कार्रवाई।
MP News: मध्यप्रदेश में रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई का सिलसिला लगातार जारी है। लगभग हर दूसरे दिन कहीं न कहीं लोकायुक्त रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ रही है लेकिन इसके बावजूद रिश्वतखोर बाज आते नजर नहीं आ रहे हैं। ताजा मामला शहडोल जिले का है जहां लोकायुक्त रीवा की टीम ने गुरुवार, 9 अप्रैल 2026 को नगर परिषद कार्यालय खंड देवलौंद में पदस्थ लेडी सब इंजीनियर को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ा है।
मेसर्स जेके अग्रवाल के संयोजक जेके अग्रवाल ने 7 अप्रैल 2026 को रीवा लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनसे सुधा वर्मा, उम्र 35 वर्ष, पद उपयंत्री (सब इंजीनियर), नगर परिषद खंड बाणसागर, जिला शहडोल ने 20 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की है। अपनी शिकायत में फरियादी जेके अग्रवाल ने ये भी बताया कि उन्हें नगर परिषद खांड, शहडोल के खेल मैदान में स्टेयर निर्माण का कार्य न्यूनतम निविदा दर पर प्राप्त हुआ था। कार्य पूरा होने के बाद, अंतिम देयक तैयार किए जाने के लिए उपयंत्री सुधा वर्मा द्वारा मूल्यांकन नहीं किया जा रहा था और वह इसके लिए 20,000 रुपये रिश्वत की मांग कर रही हैं।
लोकायुक्त टीम ने शिकायत की जांच की और शिकायत सही पाए जाने पर गुरुवार 9 अप्रैल 2026 को फरियादी जेके अग्रवाल को रिश्वत के 10 हजार रुपये देने के लिए उपयंत्री (सब इंजीनियर) सुधा वर्मा के पास भेजा। रिश्वतखोर सुधा वर्मा ने जैसे ही रिश्वत के पैसे लिए तो सादे कपड़ों में मौजूद लोकायुक्त की टीम के सदस्यों ने उसे रंगेहाथों पकड़ लिया। आरोपिया के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 संशोधन अधिनियम 2018 की धारा 7 (क) के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। टीम द्वारा आगे की कार्यवाही की जा रही है।
इससे पहले बुधवार को नरसिंहपुर में जबलपुर लोकायुक्त की टीम ने नगर पालिका के बाबू संजय तिवारी को 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा था। बाबू संजय तिवारी के खिलाफ भीष्म नारायण नाम के व्यक्ति ने 1 अप्रैल को लोकायुक्त जबलपुर कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। अपनी शिकायत में आवेदक ने बताया था कि निर्माण कार्य की अमानत राशि लौटाने के एवज में बाबू संजय तिवारी ने उससे 52 हजार की रिश्वत की मांग की थी, बाद में 38 हजार रुपये में बात तय हुई थी। जिस पर कार्रवाई करते हुए लोकायुक्त ने रिश्वतखोर बाबू संजय तिवारी को 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथों पकड़ा।