कल्याणपुर में बाघ की मौत मामले में वन विभाग की लापरवाही उजागर, बच सकता था बाघ, ग्रामीणों की सूचना के बाद भी वन अमले ने नहीं माना था बाघ का शिकार
शहडोल. कल्याणपुर में बाघ की मौत मामले में वन विभाग की लापरवाही एक के बाद एक उजागर हो रही है। कल्याणपुर में मौत से पहले बाघ का मूवमेंट सिंहपुर के अंतरा गांव में था। इतना ही नहीं बाघ ने मवेशी का शिकार भी किया था लेकिन वन विभाग के मैदानी कर्मचारी गंभीर नहीं थे। वन विभाग के कर्मचारियों ने तेंदुए और अन्य जानवरों का शिकार बताकर मामले को दबा दिया था। कर्मचारी बाघ के मूवमेंट को लेकर पहले ही सचेत हो गए होते तो कल्याणपुर में संभवत बाघ की मौत न होती। बाघ की मौत के बाद अफसरों ने आसपास के कई गांवों में पड़ताल की तो यह बात उजागर हुई। प्रथम दृष्टया सिंहपुर क्षेत्र में लापरवाही मिलने पर डीएफओ प्रदीप मिश्रा ने फारेस्टर रामसेवक मौर्य को सस्पेंड कर दिया है, साथ ही मामले में जवाब भी मांगा गया है। अधिकारिक सूत्रों के अनुसार यहां पर सरपंच ने भी वन विभाग को सूचना दी थी कि बाघ का मूवमेंट है व शिकार किया है लेकिन अधिकारी गंभीर नहीं हुए। जिसके बाद बाघ भटकते हुए जंगल के रास्तों से कल्याणपुर तक पहुंच गया था। कल्याणपुर सहित अंतरा में भी पूर्व में बाघ के मूवमेंट पर अब विभाग गंभीर हुआ है। अधिकारियों ने शनिवार को पहुंचकर साक्ष्य एकत्रित किए हैं।
चौरी गांव में मूवमेंट, फिर मवेशी शिकार
उमरिया घुनघुटी से सटे चौरी गांव में भी वन्यजीवों का मूवमेंट है। ग्रामीणों की मानें तो यहां बाघ का मूवमेंट है, जिसमें कुछ मवेशियों का शिकार भी किया है। मवेशियों के शिकार के बाद आधा छोड़कर बाघ दूसरे जगह चला गया है। अधिकारियों की मानें तो बाघ मवेशियों को शिकार के बाद छोड़ दे रहा है। इससे गांव में दहशत का माहौल है।
एनटीसीए ने मांगी अर्जेंट रिपोर्ट, अधिकारियों में हड़कंप
लगातार सर्किल में हो रही वन्यजीवों की मौत और शिकार मामले में एनटीसीए (राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण) ने सख्ती दिखाई है। एनटीसीए ने बाघों की मौत मामले में अर्जेंट रिपोर्ट मंगाई है। अफसरों की मानें तो रिपोर्ट मिलने के बाद जल्द ही बड़े अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। एनटीसीए ने सीडब्लूएनडब्लू से बाघों की मौत की रिपोर्ट मांगी है। इसके बाद अधिकारियों में हड़कंप की स्थिति है। हाल ही में पांच वन्यजीवों की मौत हुई है। इसमें एक बाघ, एक बाघिन, एक शावक और एक तेंदुए का शिकार करंट लगाकर किया गया है। इसके अलावा एक बाघ के मौत की मिस्ट्री अब तक नहीं सुलझी है। मामले में अब तक बड़े अफसरों के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। इससे साफ जाहिर हो रहा है कि बाघों को लेकर हाईकमान कितना गंभीर है।
ब्यौहारी में डिपो तक पहुंचा बाघ, पदचिंह मिलने के साथ कैमरा में हुआ ट्रैप
ब्यौहारी के गोदावल रेंज में भी बाघ का मूवमेंट मिला है। बाघ संजय नेशनल पार्क का बताया जा रहा है, जो संजय पार्क से निकलकर ब्यौहारी तक पहुंच गया है। गोदावल रेंज में यह बाघ जंगल के भीतर कैमरे में भी ट्रैप हुआ है। इसके अलावा जंगलों में फुटप्रिंट भी मिले हैं। एसडीओ ब्यौहारी एसके श्रीवास्तव के अनुसार बाघ हाल ही में डिपो तक पहुंच गया था। कई जगहों में इसका फुटप्रिंट मिलने के अलावा कैमरे में ट्रैप हुआ है। हाल ही में हिरण का भी शिकार किया था। जिसके बाद आसपास के गांवों में अलर्ट कर दिया गयाहै।