Shahjahanpur news: शाहजहांपुर में रिश्ता टूटने के बाद युवक ने फर्जी सोशल मीडिया आईडी बनाकर CM योगी को बम से उड़ाने की धमकी वायरल कर दी। साइबर जांच के बाद प्रयागराज पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा।
मेट्रीमोनियल साइट पर तय हुआ रिश्ता टूटने के बाद एक युवक ने बदला लेने के लिए ऐसा कदम उठाया। जिससे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। आरोपी ने फर्जी सोशल मीडिया आईडी बनाकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बम से उड़ाने की धमकी वाला संदेश वायरल कर दिया। साइबर जांच के बाद प्रयागराज पुलिस ने शाहजहांपुर के जलालाबाद से आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
प्रयागराज जिले के बरईपुर गांव के रहने वाले पवन कुमार चौरसिया ने अपनी बहन की शादी के लिए एक मेट्रीमोनियल वेबसाइट पर प्रोफाइल बनाई थी। उनकी बहन उत्तर प्रदेश पुलिस में कांस्टेबल के पद पर तैनात हैं। इसी दौरान शाहजहांपुर जिले के जलालाबाद निवासी नितेश कटियार ने खुद को नगर निगम कर्मचारी बताते हुए रिश्ता तय किया। दोनों परिवारों की सहमति से गाजियाबाद में सगाई भी संपन्न हो गई थी। कुछ समय तक सब कुछ सामान्य चलता रहा। लेकिन बाद में दोनों पक्षों के बीच किसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया और रिश्ता टूट गया। आरोप है कि रिश्ता खत्म होने के बाद नितेश कटियार ने पवन कुमार को फोन और ऑनलाइन माध्यम से परेशान करना शुरू कर दिया। वह अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए लगातार गाली-गलौज करता था। मामले की शिकायत साइबर पुलिस से की गई।
बताया जा रहा है कि 28 अप्रैल को पुलिस दबाव के बाद नितेश ने लिखित माफीनामा भी दिया था। हालांकि अंदर ही अंदर वह बदले की भावना रखे हुए था। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने पवन कुमार चौरसिया के नाम से फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट तैयार किया। उसमें उनका मोबाइल नंबर भी जोड़ दिया।
इसके बाद आरोपी ने उसी फर्जी आईडी से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए बम से उड़ाने की धमकी वाला संदेश पोस्ट कर दिया। धमकी भरा मैसेज सोशल मीडिया और व्हाट्सएप पर तेजी से वायरल होने लगा। जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं। साइबर सेल की जांच में पता चला कि पूरा मामला फर्जी आईडी के जरिए रचा गया था।
तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर प्रयागराज पुलिस शाहजहांपुर के जलालाबाद पहुंची और आरोपी नितेश कटियार को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद उसे कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया। पुलिस अब मामले में इस्तेमाल मोबाइल और सोशल मीडिया गतिविधियों की भी जांच कर रही है।