Shahjahanpur News Today: शाहजहांपुर में प्रशासन की टीम मकान गिराने पहुंची तो परिवार ने पेड़ पर फंदा लगाकर आत्महत्या की कोशिश की। प्रशासन पर रिश्वत मांगने के गंभीर आरोप।
Shahjahanpur News Today: उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। जिले के जलालाबाद क्षेत्र के मझरेता मगटोरा गांव में जब राजस्व विभाग और पुलिस की टीम सरकारी जमीन पर बने मकान को गिराने पहुंची, तो वहां का मंजर देखकर सब हैरान रह गए। वहां मौके पर मौजूद पिता और उसके दो बेटों ने पेड़ से लटककर जान देने की कोशिश की।
घटना मझरेता मगटोरा गांव की है। मंगलवार को नायब तहसीलदार के साथ पुलिस और राजस्व विभाग की टीम वहां पहुंची। टीम का कहना था कि यह मकान सरकारी जमीन (चकरोड) पर बना है, इसलिए इसे तोड़ा जाएगा। जैसे ही जेसीबी और टीम ने कार्रवाई शुरू की, धनपाल और उसके दो बेटे, विवेक और दुर्गेश, इसका विरोध करने लगे। पीड़ित परिवार का कहना है कि वे पिछले 40 सालों से इस जमीन पर रह रहे हैं और प्रशासन ने कार्रवाई से पहले उन्हें कोई नोटिस या सूचना नहीं दी थी।
विवाद के बीच मामला इतना बिगड़ गया कि पिता और दोनों बेटे पास ही स्थित एक नीम के पेड़ पर चढ़ गए। उन्होंने गले में रस्सी का फंदा डालकर झूलने की कोशिश की। वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने फुर्ती दिखाते हुए तीनों को नीचे उतारा, लेकिन तब तक विवेक के गले में फंदा बुरी तरह कस चुका था। हालत गंभीर होने के कारण उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है।
पीड़ित पिता धनपाल ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अधिकारियों ने मकान न गिराने के बदले में मुझसे चार लाख रुपये की रिश्वत मांगी गई थी। इस घटना की सूचना मिलते ही पूर्व विधायक राजेश यादव व पूर्व विधायक रोशनलाल वर्मा मेडिकल कॉलेज पहुंचे और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा दिया।
नायब तहसीलदार ने सभी आरोपों को गलत बताया है। उनका कहना है कि सरकारी जमीन पर कब्जा खाली करने को कहा गया था, लेकिन परिवार ने ऐसा नहीं किया। जब टीम ने कार्रवाई शुरू की, तो उन्होंने यह सब नाटक किया। फिलहाल लेखपाल अजय कुमार की ओर से इस मामले में थाने में तहरीर दी गई है। वहीं, स्थानीय पुलिस अधिकारी का कहना है कि राजस्व टीम के साथ जाने के बाद वे वापस लौट आए थे, इसके बाद हुई घटना की उन्हें कोई जानकारी नहीं है।