
snake bite in mp: मध्यप्रदेश में शाजापुर जिले के ग्राम तिंगजपुर में देर रात सांप के काटने से महिला की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि महिला घर में अपने दो बच्चों के साथ आराम से सो रही थी। इसी दौरान अचानक से सांप घर में घुस आया। जब तक कोई कुछ समझता सांप ने महिला के पैर पर काट लिया।
नींद में होने के कारण महिला को पहले तो कुछ पता नहीं चला लेकिन थोड़ी देर बाद अचानक से तेज दर्द उठा। दर्द से कहराती महिला को जब घरवालों ने देखा तो वे घबरा गए। सांप काटने की जानकारी मिलते ही परिवार वालों ने सांप को भगाया और महिला को अस्पताल ले गए। जहां डॉक्टरों ने महिला को मृत घोषित कर दिया।
जानकारी मिली है कि मृतका ममता बाई पत्नी राधेश्याम मेवाड़ा, पिपली मोहल्ला, ग्राम तिंगजपुर की निवासी थीं। महिला के घर पर रात 11:05 बजे सांप घुसा था। ममता बाई छह साल की बेटी आरती, दो साल के बेटे अनमोल के साथ सो रही थी। घर के सभी गेट भी बंद थे लेकिन पता नहीं कहां से अचानक सांप कमरे में आ गया और चादर के सहारे चढ़कर ममता को पैर में डस लिया। सांप के डसने के बाद जब ममता को दर्द हुआ तो वो तेजी से चिल्लाई। दूसरे कमरे में सो रहे परिजन भागकर ममता के पास पहुंचे। तो नजारा देखकर दंग रह गए। वहां पर जिंदा सांप बैठा हुआ था। ममता ने सांप के काटने की जानकारी दी तो घर वाले आनन-फानन में महिला के अस्पताल लेकर भागे लेकिन रास्ते में ही ममता ने दम तोड़ दिया।
अगले दिन पोस्टमार्टम की कार्रवाई के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। बताया गया है कि मृतका के पति राधेश्याम मेवाड़ा मजदूरी के सिलसिले में अक्सर दूसरे गांव जाते हैं। महिला की आकस्मिक मौत से उनके दो मासूम बच्चे मां के साये से वंचित हो गए हैं। इस घटना से पूरे गांव में शोक का माहौल है।
केस-1: जानकारी के लिए बता दें कि मानसून का मौसम आते ही मध्यप्रदेश के अलग-अलग जिलों से लगातार सांप के काटने की खबरें आ रही है। बीते दिनों पहले ही राजगढ़ जिले के समीपस्थ गांव मांडाखेड़ा में घर के आंगन में खेल रहे एक पांच साल के मासूम को सांप ने काट लिया, जिससे उसकी मौत हो गई। परिजन उसे बजाए अस्पताल ले जाने के तीन घंटे तक झाड़फूंक करते रहे। जब तक उसे अस्पताल ले जाया गया, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
केस-2: दूसरे मामले में राजगढ़ जिले के ब्यावरा तहसील के गांगाहोनी गांव में रात के समय सांप के काटने से 40 वर्षीय निजी स्कूल संचालक की मौत हो गई। समय पर उपचार नहीं मिलने और झाड़फूंक में समय गंवाने के कारण उनकी जान नहीं बच सकी। जहरीला सांप स्कूल संचालक के घर के किचन में काल बनकर बैठा था और रात 12 बजे जब दूध का बर्तन रखने के लिए स्कूल संचालक किचिन में पहुंचे तो सांप ने उन्हें काट लिया।
केस-3: तीसरे मामले में गुना में खेत पर मजदूरी कर रहे एक युवक की जहरीले सांप के काटने से मौत हो गई। इलाज के लिए गुना जिला अस्पताल लाया गया, लेकिन बचाया नहीं जा सका। मृतक की पहचान राजू आदिवासी निवासी गोकलसिंह का चक्क, मोतीपुरा प्लांट के रूप में हुई है। भाई भानू आदिवासी ने बताया कि राजू ढीमरपुरा क्षेत्र में हरवाई और खेतिहर मजदूरी करता था। शाम करीब 4 बजे वह कालूराम के खेत पर चारा काट रहा था। तभी जहरीले सांप ने उसे डस लिया। घटना के बाद खेत मालिक और आसपास के लोग उसे तत्काल गुना जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। परिजनों को रात करीब 8 बजे घटना की सूचना मिली। तब तक डॉक्टरों ने इलाज शुरू कर दिया था, लेकिन जहर फैलने से रात में ही राजू ने दम तोड़ दिया।
-मरीज को शांत रखें और घबराने न दें।
-काटे गए अंग को कम से कम हिलाएं।
-तुरंत अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र पहुंचें।
-घाव को काटने, चूसने या उस पर कोई रसायन लगाने से बचें।
-रस्सी या कपड़े से अंग को कसकर न बांधें।
सर्पदंश के मामलों में झाड़फूंक का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। मरीज को जितनी जल्दी चिकित्सकीय उपचार मिलेगा, उसके बचने की संभावना उतनी अधिक होगी। एंटी स्नेक वेनम ही विषैले सांप के काटने का प्रभावी उपचार है। इसलिए सर्पदंश की स्थिति में अंधविश्वास से दूर रहें और तत्काल चिकित्सा सहायता लें। यही सतर्कता जीवन बचा सकती है। -डॉ. आनंद दांगी, शिशु रोग विशेषज्ञ, जिला अस्पताल, राजगढ़