
कालापीपल. पंचमुखी चौराहे से रेलवे स्टेशन की ओर शनिवार को पांच व्यक्ति नाबालिग को लेकर आ रहे थे। शक होने पर बजरंग दल कार्यकर्ता कमल राठौर, धीरज मेवाडा एवं राहुल आठिया ने उनका पीछा किया। लड़की बड़ी मुश्किल से खुद को बचा पाई।
गाड़ी पर बैठने से लड़की ने किया मना
रेलवे स्टेशन के पास जब वे लोग लड़की को बिना उसकी मर्जी से गाड़ी पर बैठाने लगे एवं लड़की ने माना किया, तो बजरंग दल कार्यकर्ता उनसे पूछताछ करने लगे। इतने में सभी लोग वहां से भाग गए एवं एक व्यक्ति असलम उनके हाथ लग गया।
सागर जिले की रहने वाली है
लड़की ने थाना कालापीपल में बताया वह उसकी मां सागर जिले के मकरोनिया गांव में रहती है। वहीं नौकरी करती है। भोपाल बस स्टैंड पर उसकी मुलाकात बस ड्राइवर असलम से हुई, जिस पर असलम ने उसे उसकी बहन नजमा के पास सात सौ रुपए रोज में काम करने का झांसा देते हुए नौकरी दिलाने की बात कही।
काम के झांसे में इनके साथ आ गई
लड़की ने बताया कि काम के झांसे में वह इन लोगों के साथ कालापीपल आ पहुंची। ंजहां उसे वेश्यावृति कराने के लिए बेचने का पता चलने पर उनके साथ जाने से रेलवे स्टेशन पर विरोध कर रही थी। बजरंग दल कार्यकर्ताओं की सूझबूझ से वह उनके चंगुल से बच गई। थाना कालापीपल द्वारा जीरो कायमी पर असलम पिता वहीद खां निवासी रेहली जिला सागर, नजमा बी, सलीम, कल्लू एव तीन अन्य के खिलाफ कायमी की गई है।
चक्काजाम के बाद किया मामला दर्ज
जानकारी अनुसार मामला कालापीपल थाने अंतर्गत ना होने के कारण कायमी को लेकर माना किया गया था, जिस पर बजरंग दल द्वारा पंचमुखी चौराहे पर चक्काजाम की कोशिश की गई। बाद में कालापीपल थाना प्रभारी दीपक धुर्वे एव शुजालपुर से महिला पुलिस से मोनिका आबरियो मौके पर पहुची एव मामला शांत कराते हुए कार्यवाही का आश्वाशन देकर सबको वहा से हटाया।