केंद्रीय निर्वाचन आयोग के निर्देश पर हटाए गए शामली के डीएम इंद्र विक्रम सिंह
शामली। अक्सर चुनावों गड़बड़ी के आरोप लगते रहे हैं। कभी ईवीएम को लेकर तो कभी वोटों की गिनती को लेकर। हालांकि, हमेशा इन आरोपों का खंडन ही होता आया है लेकिन इस बार जांच में यूपी के एक उपचुनाव में वोटों की गिनती में गड़बड़ी का मामला सामने आया है। इसके सामने आने के बाद केंद्रीय निर्वाचन आयोग के निर्देश पर डीएम पर गाज गिरी है। उनकी जगह नए डीएम को नियुक्त किया गया है।
हुकुम सिंह के निधन के बाद हुआ था उपचुनाव
मामला कैराना लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव का है। इसी साल फरवरी में भाजपा सांसद हुकुम सिंह के निधन के बाद वहां उपचुनाव कराए गए थे। इसमें हुकुम सिंह की बेटी मृगांका सिंह को भाजपा और तबस्सुम हसन को रालोद की तरफ से टिकट दिया गया था। तबस्सुम हसन को सपा समेत कई अन्य पार्टियों ने भी अपना समर्थन दिया था। योगी सरकार में हुए इस उपचुनाव में भाजपा ने अपनी सारी ताकत झोक दी थी। इसके बावजूद नतीजा चौंकाने वाला रहा था। उपचुनाव में तबस्सुम हसन ने भाजपा की उम्मीदवार मृगांका सिंह को 44 हजार से ज्यादा वोटों से हराया था। इस चुनाव में वोटों की गिनती में गड़बड़ी के आरोप लगे थे। इसके बाद से डीएम इंद्र विक्रम सिंह सुर्खियों में आ गए थे।
अखिलेश सिंह बनाए गए नए डीएम
अब मुख्य निर्वाचन आयुक्त वेंक्टेश्वर लू के अनुसार, उपचुनाव में वोटों की गिनती में गड़बड़ी हुई थी। उनके अनुसार, वोटों के जोड़ का अंतर 3 हजार का था। हालांकि, इससे हार-जीत पर फर्क नहीं पड़ा। इस गड़बड़ी के लिए जिला निर्वाचन आयोग को जिम्मेदार ठहराया गया। इसके बाद चुनाव आयोग के निर्देश पर शामली के डीएम विक्रम सिंह को हटा दिया गया है। उनकी जगह अखिलेश सिंह काे शामली का नया डीएम नियुक्त किया गया है।