
Sheopur News :मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में स्थित कूनो नेशनल पार्क में गुजरात राज्य में स्थित गिर अभयारण्य से एशियाई शेर लाने की मांग एक बार फिर उठने लगी है। हालही में कूनो संघर्ष समिति ने इसके लिए न सिर्फ गांधी पार्क में सत्याग्रह किया, बल्कि शहर में रैली निकालकर कोतवाली पहुंचकर राष्ट्रपति द्रैपदी मुर्मू के नाम तहसीलदार दर्शन लाल बौद्ध को एक ज्ञापन भी सौंपा गया है।
तहसीलदार को सौंपे गए ज्ञापन के माध्यम से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से कहा गया है कि, जब तीनों जगहों पर ( केंद्र, मध्य प्रदेश और गुजरात) में एक ही पार्टी की सरकार है तो भी कूनो से भेदभाव क्यों किया जा रहा है ? जबकि, कूनो को तैयार ही एशियाई सिंह के दूसरे घर के रूप में किया गया था। प्रदर्शन और सत्याग्रह के दौरान कूनो से विस्थापित किए गए गांवों के ग्रामीण भी इस दौरान बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
इस दौरान खास बात ये है कि, संघर्ष समिति ने सत्याग्रह की अनुमति के लिए प्रशासन को 3 दिन पहले आवेदन दिया था, लेकिन शनिवार की रात अनुमति निरस्त कर दी गई। फिर भी समिति ने शहर में सत्याग्रह करने का निर्णय लिया।
कूनो संघर्ष समिति द्वारा दिए गए ज्ञापन के दौरान समिति के संयोजक अतुल चौहान ने कहा कि, गुजरात के गिर अभयारण्य में एशियाई शेरों को बचाने के लिए साल 1993 - 94 में कूनो को दूसरे घर के रूप में चिन्हित किया गया था। इसके बाद से अब तक यहां से 25 गांव विस्थापित भी किए जा चुके हैं, लेकिन कूनो में शेर नहीं दिए गए हैं। जबकि सुप्रीम कोर्ट भी साल 2013 में इस संबंध में आदेश दे चुका है।
विशेष बात यह है कि, कूनो से चीते अन्य जगह बसाए जा रहे हैं और गुजरात ले जाने की भी तैयारी है। ऐसे में गुजरात से शेर कूनो में क्यों नहीं लाए जा रहे, जबकि मध्य प्रदेश और गुजरात के साथ ही केंद्र में भी भाजपा की ही सरकारें हैं।
ज्ञापन में ये भी कहा गया कि, श्योपुर जिला प्रदेश में अत्यंत पिछड़ा जिला रहा है। ऐसे में कूनो उद्यान में एशियाई शेरों की बसावट से ही यहां पर्यटन और रोजगार की बड़ी संभावनाएं बनेगी, जो जिले के विकास को बढ़ाएगी।