
Sheopur news: भारत में 'प्रोजेक्ट चीता' के चार साल 17 सितंबर को पूरे हो रहे है। इसी के साथ यह पांचवें वर्ष में प्रवेश करेगा। लगभग 70 वर्ष पहले देश से विलुप्त हो चुके चीतों को बसाने की इस महत्त्वाकांक्षी पहल को चार वर्ष में चार देश भारत, नामीबिया, दक्षिण अफ्रीका और बोत्सवाना की पार्टनरशिप से सकारात्मक दिशा मिली है। वर्तमान में देश में 52 चीते है। इनमें से से कूनो नेशनल पार्क में 49 और तीन चीते गांधीसागर अभयारण्य में हैं। कूनो में 18 चीते स्वतंत्र विचरण कर रहे हैं। शेष बाड़े में हैं।
शिफ्ट किए जा सकते है चीते
अब मप्र के नौरादेही टाइगर रिजर्व, गुजरात में कच्छ स्थित बन्नी घास मैदान को चीतों के नए ठिकानों के रूप में विकसित किया जा रहा है। नौरादेही में चार बड़े बाड़ों का निर्माण अंतिम चरण में है। साल के अंत तक चार चीते शिफ्ट किए जा सकते हैं। बन्नी क्षेत्र में 600 हेक्टेयर में बाड़े तैयार हो रहे हैं। 2027 के शुरुआती महीनों में लगभग छह चीते भेजने की योजना है। अधिकारियों के अनुसार देश में ऐसे 10 स्थानों की पहचान की गई है, जहां चरणबद्ध तरीके से चीतों को बसाया जाना है।
जानकारी के लिए बता दें कि जब चीतों ने 17 सितंबर 2022 को भारत में कदम रखा, तब पीएम नरेंद्र मोदी का जन्मदिन था। मोदी ने ही चीतों को रिलीज किया था।अब 17 सितंबर 2026 को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की मौजूदगी में मंदसौर के गांधीसागर अभयारण्य में कूनो से 6 साल की मादा चीता निर्वा को छोड़ा जाएगा।
नामीबियाः 17 सितंबर 2022 को 8 चीते लाए गए थे। 3 जीवित।
दक्षिण अफ्रीका: 18 फरवरी 2023 को 12 चीते लाए। 8 जीवित।
भारतः कूनो में जन्मे 44 शावकों में से 32 जीवित हैं।
बोत्सवानाः 28 फरवरी 2026 को नौ चीते लाए गए, सभी जीवित।
प्रोजेक्ट का विस्तार तो होना ही है, क्योंकि देश में 10 स्थान चिह्नित होकून काधीसागर के बाद नौरादेही और बच्ची में बसाने की तैयारी चल रही है। चीते कब और कितने शिफ्ट होंगे ये अभी तय नहीं है।- उत्तम कुमार शर्मा, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, चीता प्रोजेक्ट, कूनो नेशनल पार्क