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Sheopur News: रपटा पार करते समय मगरमच्छ ने पकड़ा हाथ, 5-10 मिनट तक किया संघर्ष पर नहीं बची जान

Crocodile Attack: मगरमच्छ के हमले के बाद व्यक्ति करीब 5 से 10 मिनट तक उससे संघर्ष करता रहा, शोर सुनकर ग्रामीण पहुंचे और लाठी-डंडों से मगरमच्छ के चंगुल से छुड़ाया, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी।
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Sheopur Crocodile Attack

crocodile attack man dies river rapta, मगरमच्छ की फाइल फोटो (Source-patrika)

Sheopur Crocodile Attack: मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले के रघुनाथपुर थाना क्षेत्र के प्रसिद्ध भैरव बाबा मंदिर से दर्शन कर रपटा पार कर लौट रहे एक व्यक्ति पर मगरमच्छ ने हमला कर दिया। मगरमच्छ ने व्यक्ति के एक हाथ को अपने मजबूत जबड़े में जकड़ लिया और उसे पानी में खींचने का प्रयास किया। करीब 5 से 10 मिनट तक व्यक्ति मगरमच्छ से संघर्ष करता रहा और मदद के लिए चीखता रहा। शोर सुनकर मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने लाठी-डंडों की मदद से मगरमच्छ को भगाकर उसे छुड़ाया और अस्पताल लेकर पहुंचे लेकिन तब तक देर हो चुकी थी।

मंदिर से लौटते वक्त मगरमच्छ ने किया हमला

मृतक की पहचान प्रकाश रावत पुत्र रामचरण रावत 50, निवासी किन्नपुरा थाना ढोढर के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार प्रकाश रावत रघुनाथपुर क्षेत्र की खिरकाई में अपने पशुओं के साथ रह रहा था। वह भैरव बाबा मंदिर में दर्शन करने गया था। दर्शन के बाद वापस लौटते समय वह स्टॉपडैम के पानी से जुड़े रपटे को पार कर रहा था, तभी पानी में मौजूद मगरमच्छ ने उस पर हमला कर दिया।

5-10 मिनट तक किया संघर्ष

ग्रामीणों के अनुसार प्रकाश ने हिम्मत नहीं हारी और लगातार खुद को छुड़ाने का प्रयास करता रहा। वह मदद के लिए चिल्लाता रहा। उसकी आवाज सुनकर आसपास मौजूद ग्रामीण मौके पर पहुंचे और लाठी डंडों से मगरमच्छ को भगाया। ग्रामीण उसे तत्काल जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। रघुनाथपुर थाना प्रभारी शशि तोमर ने बताया कि, मगरमच्छ के हमले से घायल को जिला अस्पताल लाया गया था लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया है साथ ही मर्ग कायम कर विवेचना शुरू कर दी है।

पशुओं पर पहले भी हमला कर चुका है मगरमच्छ

ग्रामीणों का कहना है कि, स्टॉपडैम के पानी में मौजूद मगरमच्छ पहले भी पशुओं पर हमला कर चुका है। मगरमच्छ को यहां से हटाने की मांग भी की जा चुकी है। भैरव बाबा मंदिर प्रसिद्ध धार्मिक स्थल होने के कारण यहां श्रद्धालुओं और ग्रामीणों की लगातार आवाजाही रहती है। हादसे के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन एवं वन विभाग से मगरमच्छ को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कराने तथा मंदिर और रपटे के आसपास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है।