Project Cheetah: प्रोजेक्ट चीता के तहत मध्यप्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में शुरू हुए चीतों के पुनर्वास (rehabilitation of cheetahs) के सफर को मंगलवार 17 सितंबर 2024 को दो साल पूरे हो गए। श्योपुर में जश्न मनाया जा रहा है। इस बीच बड़ी खुशखबरी आई है कि जल्द ही चीतों की नई खेप भारत लाई जाएगी…
Project Cheetah: मध्यप्रदेश में प्रोजेक्ट चीता के तहत पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने अपने जन्मदिवस (Birthday) पर 17 सितंबर 2022 को कूनो नेशनल पार्क (Kuno National Park) में नामीबिया (Namibea) लाए गए 8 चीतों को बाड़े में छोड़ा था। वहीं बाद में साउथ अफ्रीका (South Africa) से 12 और चीते (Cheetah) भारत लाए गए थे।
इसके बाद इसी महीने 12-14 चीतों की एक और खेप साउथ अफ्रीका से भारत लाई जानी थी लेकिन, फिलहाल उसमें भी देरी हो रही है। इस बीच बड़ी खुशखबरी ये है कि साउथ अफ्रीका और नामीबिया के बाद अब चीतों की एक नई खेप एक नए अफ्रीकी देश से आएगी।
भारत सरकार ने चीतों की इस नई खेप को देश में लाने के लिए समझौता ज्ञापन (MOU) तैयार कर लिया है। लेकिन फिलहाल भारत सरकार के इस MOU के बाद भी इन नए चीतों को देखने के लिए थोड़ा इंतजार करना पड़ेगा।
अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक जल्द ही 12-14 चीतों की एक खेप भारत लाई जाएगी। भारत सरकार की तरफ से फायनल हुए इस MOU पर अब अफ्रीकी देश केन्या (Kenya) से मंजूरी मिलने का इंतजार है। केन्या सरकार की मंजूरी मिलते ही MOU पर दोनों सरकारों के हस्ताक्षर के बाद करार पूरा हो जाएगा। इसके बाद नए चीतों को भारत लाया जाएगा।
बता दें कि साउथ अफ्रीका और नामीबिया से कुल 20 चीते भारत लाए गए थे। इनमें से 8 चीतों की मौत हो चुकी है। मरने वाले इन चीतों में 3 फीमेल और 5 मेल चीते थे। भारत में 17 शावकों का जन्म हुआ और सुकून भरी खबर कि इनमें से 12 जीवित हैं। इससे कूनो में शावकों सहित चीतों की कुल संख्या 24 हो गई है। वर्तमान में, सभी चीते बाड़ों में हैं।
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अधिकारियों का कहना है कि भारत में चीतों के पुनर्वास की कार्ययोजना में दक्षिण अफ्रीका, नामीबिया और अन्य अफ्रीकी देशों से पांच वर्षों के लिए प्रति वर्ष लगभग 12-14 चीते लाने की बात कही गई है।
केन्या से चीते लाए जाने के लिए तैयार किए गए MOU प्रक्रिया प्रगति पर है। भारत ने इसे अंतिम रूप दे दिया है और केन्या सरकार को इसे मंजूरी देनी है। इसके बाद दोनों सरकारें एमओयू पर हस्ताक्षर करेंगी और फिर केन्या से चीते भारत लाए जाएंगे।
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