
Stone Pelting on Vehicles: श्योपुर के कराहल थाना क्षेत्र में श्योपुर-शिवपुरी स्टेट हाइवे (Sheopur-Shivpuri highway) पर नोनपुरा घाटी के पहले अज्ञात बदमाशों ने सडक पर पत्थर रखकर पहले तो रास्ता बाधित किया और फिर यहां से गुजर रहे वाहनों पर पथराव किया और लाठी से हमला भी किया। हालांकि वाहन चालकों की सूझबूझ से लूट या अन्य गंभीर वारदात घटित नहीं हुई, लेकिन बीते 4 दिन (पहली 3 सितंबर और दूसरी 6 सितंबर की रात) में एक ही जगह, एक ही तरीके की दूसरी वारदात से इस हाइवे से रात में गुजरने वाले लोगों में दहशत है। (MP News)
वहीं मामले में कराहल पुलिस ने रात को ही संदिग्धों को उठाया भी, लेकिन शनिवार की दोपहर को पूछताछ बाद छोड़ दिया गया। इसके साथ ही के मामले में शनिवार की सुबह स्वयं पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन भी पहुंचे और मौका मुआयना करने के साथ ही पुलिसकर्मियों से मामले की जानकारी ली। मामले में पुलिस दो एंगल से जांच कर रही है, जिसमें पहला ये कि कहीं वास्तविक बदमाशों का तो कोई मूवमेंट नहीं है और दूसरा एंगल ये कि इस तरह का घटनाक्रम कर भय पैदा करने का कोई षडयंत्र तो नहीं है। (MP News)
कराहल और नोनपुरा घाटी के बीच थाने से लगभग 6 किलोमीटर दूर शुक्रवार की रात 11 बजे के आसपास अज्ञात बदमाशों ने सड़क पर पत्थर डाल दिए और पेड़ काटकर शाखाएं डाल दी, ताकि वाहन नहीं निकल पाए। इसी दौरान ग्वालियर से श्योपुर की ओर आ रहे कामिल मोहम्मद की कार को बदमाशों ने रोकने का प्रयास किया और गाड़ी पर लाठी मारकर क्षतिग्रस्त किया। हालांकि ड्राइवर की सूझबूझ से वे अपनी गाड़ी को निकाल ले गए। वहीं ढोंढपुर निवासी दिलीप जाट परिजनों संग ग्वालियर की ओर से आ रहे थे, तभी अज्ञात लोगों ने इनकी गाड़ी पर पथराव किया और लाठी मारना बताया गया है।
मामले में कार चालकों ने कराहल थाने पहुंचकर घटनाक्रम बताया। जिसके बाद मामले में पुलिस ने फरियादी दिलीप जाट निवासी ढौंढपुर की रिपोर्ट पर अज्ञात बदमाशों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। हालांकि फरियादियों की शिकायत पर पुलिस मौके पर रात में ही पहुंची, लेकिन वहां कोई नहीं मिला। इससे पहले 3 सितंबर की रात को भी इसी तरह की वारदात यहां हुई और पुलिस ने मामले में अज्ञात बदमाशों पर एफआईआर भी दर्ज की, लेकिन पुलिस उसका खुलासा करती, उससे पहले ही 4 दिन में दूसरी वारदात हो गई।
नोनपुरा घाटी के पास 4 दिन में हुई 2 घटनाओं के बाद कराहल थाना पुलिस छानबीन में जुटी। यही वजह है कि आधी रात में ही पुलिस ने 2 संदिग्धों को उठाया और पूछताछ की। हालांकि, पुलिस ने दोनों ही व्यक्तियों ने अलग-अलग पूछताछ कर कुछ घंटों बाद छोड़ दिया है। लेकिन संदिग्धों के परिजन और ग्रामीण लोगों ने कराहल थाने पहुंचकर प्रदर्शन भी किया और कहा कि पुलिस निर्दोष लोगों को आधी रात में उठाकर थाने ला रही है, ये बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस द्वारा पूछताछ के बाद दोनों को छोड़ने के बाद मामला शांत हुआ।
कराहल घाटी में पिछले चार दिनों में सड़क पर पत्थर रखकर वाहन चालकों को रोकने की दो बार घटना हो चुकी है। हालांकि,. शुरूआती छानबीन में पुलिस इसे शरारती तत्वों द्वारा माहौल खराब किए जाने की बात बताते हुए नजर आ रही है। पुलिस का तर्क है कि बदमाशों द्वारा रात्रि में एक भी वाहन को रोका नहीं गया केवल रोकने का प्रयास और पत्थरबाजी के साथ वाहनों को क्षति पहुंचाने के लिए लठबाजी की गई है। पुलिस पुलिस का कहना है कि 3-4 दिन में मामले का पटाक्षेप हो जाएगा।
दो बार इस तहर की घटना हुई है। इसमें शरारती तत्वों द्वारा केवल माहौल खराब करने की नियत दिखाई दे रही है। क्योंकि, यहां से गुजरने वाले वाहन चालकों ने पहले पत्थर हटाए और पत्थर हटाने के बाद जब वे वहां से गुजरे तब उन पर पत्थरबाजी और तोडफोड़ की गई है। हमारी टीमें लगी हुई है जल्द ही इस मामले का खुलासा किया जाएगा। - वीरेंद्र जैन, पुलिस अधीक्षक, श्योपुर