Tehsildar Amita Singh Tomar Bail: बाढ़ राहत कोष घोटाले के आरोप में 44 दिन से जेल में बंद थीं महिला तहसीलदार अमिता सिंह, को हाईकोर्ट से मिली जमानत, जेल जाने के बाद किया जा चुका है सस्पेंड।
Tehsildar Amita Singh Tomar Bail: मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले से बड़ी खबर है यहां कौन बनेगा करोड़पति (KBC) में 50 लाख रुपये जीतने वाली सस्पेंडेड महिला तहसीलदार अमिता सिंह तोमर को आखिरकार हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। अमिता सिंह पिछले 44 दिन से जेल में बंद थीं और अब उन्हें जेल की सलाखों से रिहाई मिल गई है। बता दें कि महिला तहसीलदार अमिता सिंह को बाढ़ राहत राशि घोटाले के आरोप में 26 मार्च 2026 को पुलिस ने गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया था। तब से वो जेल में ही बंद थीं।
बहुचर्चित बाढ़ राहत घोटाले की आरोपी तहसीलदार अमिता सिंह तोमर को अंतत: हाइकोर्ट की खंडपीठ ग्वालियर से जमानत मिल गई। गिरफ्तारी के 44 दिन बाद हाइकोर्ट ने अमिता सिंह को सशर्त जमानत दी है। बाढ़ राहत घोटाले में तहसीलदार अमिता सिंह तोमर को गत 26 मार्च को गिरफ्तार किया गया था और तभी से वे शिवपुरी महिला जेल में बंद थीं। 6 अप्रैल को प्रथम अपर सत्र न्यायालय श्योपुर ने उनकी जमानत अर्जी खारिज कर दी थी, जिसके बाद उन्होंने हाइकोर्ट में जमानत याचिका लगाई, जिस पर सुनवाई करते हुए हाइकोर्ट ने जमानत दी है।
श्योपुर जिले की विजयपुर तहसील की तहसीलदार अमिता सिंह तोमर पर साल 2021 में आई बाढ़ के बाद वितरित करने आई राहत राशि में करीब ढाई करोड़ रुपये का घोटाला करने का आरोप है। आरोप है कि तहसीलदार अमिता सिंह तोमर जो कि उस समय बड़ौदा तहसील में तत्कालीन तहसीलदार थीं उन्होंने करीब दो दर्जन पटवारियों और दलालों से मिलकर 127 फर्जी खातों में लगभग 2.57 करोड़ रुपये की राशि बांट दी। बाद में ये गड़बड़ी डिप्टी कलेक्टर के ऑडिट में पकड़ में आई थी और बड़ौदा थाने में मामला दर्ज किया गया था। पुलिस जांच में 100 से अधिक लोगों को आरोपी बनाया गया है, जिनमें अमिता सिंह तोमर और 25 पटवारी भी शामिल हैं।
तहसीलदार अमिता सिंह तोमर 2011 में ‘कौन बनेगा करोड़पति’ सीजन-5 में 50 लाख रुपये जीतकर सुर्खियों में आई थीं। तब से उन्हें ‘KBC वाली मैडम’ के नाम से बुलाया जाने लगा था। सोशल मीडिया पर विवादित पोस्ट और कमेंट डालकर प्रशासन की कार्रवाई को गलत बताने और संविधान से जुड़ी एक पोस्ट पर आपत्तिजनक कमेंट करने पर अमिता तोमर निलंबित भी हो चुकी हैं। इतना ही नहीं 14 साल की नौकरी में 25 तबादले होने पर उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी और तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र भी लिखा था और इसके कारण भी तहसीलदार अमिता सिंह तोमर मीडिया की सुर्खियां बनी थीं।