
Shivpuri EOW Action: मध्यप्रदेश में रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई का सिलसिला लगातार जारी है। लगभग हर दूसरे दिन कहीं न कहीं EOW और लोकायुक्त की टीमें रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ रही हैं, लेकिन इसके बावजूद रिश्वतखोर बाज आते नजर नहीं आ रहे हैं। ताजा मामला मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले का है जहां EOW ग्वालियर की टीम ने एसडीएम पोहरी और पटवारी के खिलाफ रिश्वत मांगने का मामला दर्ज किया है।
शिवपुरी शहर के वार्ड नंबर- 1 में रहने वाले गोविंद शिवहरे ने EOW कार्यालय ग्वालियर में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में फरियादी गोविंद शिवहरे ने बताया कि उसने बाबू सिंह राजपूत निवासी बेराड़ गांव से रघुनाथपुरा गांव में स्थित भूमि को खरीदने का अनुबंध करते हुए 1 लाख रुपये एडवांस के तौर पर दिए थे, लेकिन राजस्व अभिलेख में बाबूसिंह राजपूत पुत्र राय सिंह राजपूत के स्थान पर बाबू पुत्र राम सिंह लिखा हो गया, जिसके कारण रजिस्ट्री नहीं हो पा रही थी। जब उसने बाबू सिंह राजपूत से एसडीएम पोहरी में अभिलेख दुरूस्ती हेतु आवेदन पेश करवाया है तो एसडीएम पोहरी जेपी गुप्ता ने पटवारी अशोक वर्मा के माध्यम से 10000 रुपये रिश्वत की मांग की।
EOW की टीम ने फरियादी गोविंद शिवहरे की शिकायत की जांच की और एक वॉयस रिकॉर्डर देकर रिश्वत मांगे जाने सबंधी बातचीत रिकॉर्ड करने के लिए कहा। वॉयस रिकॉर्डर में हुई रिकॉर्डिंग के आधार पर EOW ने एसडीएम पोहरी जेपी गुप्ता एवं पटवारी अशोक वर्मा के विरूद्ध प्रथम दृष्टया भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 व संशोधित अधिनियम 2018 की धारा 7 का अपराध पाए जाने से अपराध कायम कर अनुसंधान में लिया गया।
बता दें कि दो दिन पहले ही रतलाम के औद्योगिक क्षेत्र थाने में पदस्थ हेड कॉन्स्टेबल तपेश गोसाई को EOW का टीम ने राजस्थान के भीलवाड़ा में रिश्वत लेते हुए पकड़ा था। हेड कॉन्स्टेबल तपेश गोसाई शराफत शेख पिता शफी मोहम्मद निवासी शास्त्रीनगर से उसके भाई लियाकत निवासी सात भाइयों की गली, जूनावास के साथ मारपीट न करने और उसे कानूनी मदद दिलाने के बदले में रिश्वत ले रहा था। लियाकत के खिलाफ रतलाम के औद्योगिक क्षेत्र थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज है, जिसके कारण पुलिस उसे गिरफ्तार किया था। आरोपी हेड कांस्टेबल तपेश गोसाई ने परिवादी को धमकाया कि, वो उसके 70 वर्षीय बुजुर्ग भाई को हथकड़ी लगाकर पूरे भीलवाड़ा में घुमाएगा, जिससे पूरे इलाके में उसकी बदनामी होगी। इसके अलावा, उसने रिश्तेदारों को साइबर क्राइम के मामलों में फंसाने और जेल में मारपीट करने की भी धमकी दी थी। इतना ही नहीं आरोपी रिश्वत के 10 हजार रुपये पहले ही फरियादी से ले चुका था।