श्रावस्ती

जिस पानी से होता था भगवान का अभिषेक, उसमें इफ्तार पार्टी के बाद फेंके मांसाहार के अवशेष; चार गिरफ्तार

Shravasti Iftar Party Controversy : वाराणसी में गंगा नदी में इफ्तार पार्टी के बाद श्रावस्ती से भी एक ऐसा ही मामला सामने आया है। यहां आश्रम के पास इफ्तार पार्टी कर नानवेज के अवशेष नदी में फेंक दिए।

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इफ्तार पार्टी के बाद श्रावस्ती में बवाल, PC- Patrika

उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती में आस्था और सौहार्द को बिगाड़ने वाली एक गंभीर घटना सामने आई है। सिरसिया क्षेत्र के प्रसिद्ध सोनपथरी आश्रम मंदिर के पास कुछ युवकों द्वारा न केवल इफ्तार पार्टी का आयोजन किया गया, बल्कि मांसाहारी भोजन के अवशेष उस पवित्र जलस्रोत में फेंक दिए गए, जिसका उपयोग मंदिर की मूर्तियों के अभिषेक और भोजन पकाने के लिए होता है। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

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मंदिर के महंत ने दर्ज कराया केस

सोनपथरी आश्रम के हरी शरणानंद महाराज ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 17 मार्च की शाम कुछ युवक मंदिर से सटे नाले के पास एकत्र हुए थे। वे वहां मांसाहार पका रहे थे। जब आश्रम प्रबंधन ने उन्हें टोका और पवित्र जल में गंदगी फैलाने से मना किया, तो आरोपियों ने कथित तौर पर धमकी दी।

आस्था से खिलवाड़: जिस पानी से भगवान की मूर्तियों को स्नान कराया जाता है और भक्तों के लिए भोजन बनता है, उसमें मांस के टुकड़े फेंकने से श्रद्धालुओं में भारी आक्रोश है।

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल

घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला गरमा गया। वीडियो में युवक वजू करने के बाद इफ्तार करते दिख रहे हैं और बैकग्राउंड में धार्मिक संगीत बज रहा है। पुलिस क्षेत्राधिकारी सतीश कुमार शर्मा ने बताया कि वीडियो और शिकायत के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर चार अभियुक्तों को दबोच लिया।

पुलिस ने 4 आरोपियों को किया गिरफ्तार

पुलिस ने वायरल वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान की और चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में जमाल अहमद, इरफान अहमद, इमरान अहमद, जहीर खान शामिल हैं। चारों आरोपी महरू मुर्तिहा गांव के निवासी हैं। आरोपियों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया गया है।

वाराणसी में बवाल के बाद फिर हुई घटना

हाल ही में वाराणसी में गंगा के बीचों-बीच नाव पर इफ्तार और चिकन बिरयानी के अवशेष फेंकने का मामला सामने आया था, जहां 14 गिरफ्तारियां हुई थीं। अब श्रावस्ती की यह घटना के बाद लोगों का कहना है कि इस तरह के काम कुछ अराजक तत्व कर रहे हैं। प्रशासन को ऐसे आरोपियों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।

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Published on:
21 Mar 2026 03:28 pm
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