सिद्धार्थनगर में इन दिनों चोरी की घटनाओं की बाढ़ सी आ गई है, दर्जनों चोरी की वारदात के बाद भी पुलिस अभी सिर्फ लकीर खींचने में मस्त है, हालत यह हो गया है कि अब ग्रामीण खुद अपने घरों की सुरक्षा कर रहे हैं।
सिद्धार्थनगर जिले में चोरी की घटनाओं की बाढ़ सी आ गई है हालत यह है कि बीते 21 दिनों में चोरों ने दर्जनों घरों में सेंध लगाकर लाखों के जेवरात और नकदी पर हाथ साफ कर दिया, लगातार चोरी की घटनाओं से जनता में दहशत फैली हुई है। पुलिस की कहा जाए तो अभी तक एक भी घटना का खुलासा नहीं हो पाया है, अब ग्रामीण भी खुद ही रात में पहरेदारी कर रहे हैं।
शुक्रवार की बीती रात चिल्हिया थाना क्षेत्र के बेलगड़ा गांव में कुछ चोर गांव में चोरी की योजना बना रहे थे। ग्रामीणों की नजर पड़ते ही शोर मच गया, पकड़े जाने के डर से सभी चोर अंधेरे का फायदा उठाते हुए। इस गांव में 22 अगस्त को भी बेलगड़ा गांव में चोरों ने सेंधमारी कर करीब तीन लाख के जेवरात चोरी कर लिए थे। उस घटना से ही ग्रामीण आक्रोशित हैं, दुबारा फिर चोरों के रेकी से और गांव में तनाव है।
सिद्धार्थनगर मे 14 अगस्त को महादेवा गांव (चिल्हिया) में चार लाख के जेवरात चोरी, कोतवाली क्षेत्र के जगदीशपुर राजा में लाखों की चोरी, इटवा क्षेत्र के चौखड़ा गांव में एक रात में 5 घरों में सेंधमारी, डुमरियागंज के मन्नीजोत और ढेबरूवा के सेवरा गांव में कई घरों में चोरी, सिर्फ तीन हफ्ते में इतनी वारदातें होना पुलिस पर भी सवालिया निशान खड़ा कर रहा है। अब तो जनता यह कहने लगीं है कि हर चोरी के बाद पुलिस सिर्फ औपचारिकता निभाती है। मौके पर जाकर तफ्तीश दिखाती है लेकिन किसी भी घटना का खुलासा नहीं कर पाती। गांवों में अब युवक खुद चौकीदारी कर रहे हैं, उनका कहना है कि जब पुलिस सो रही है तो उनका जागना जरूरी है।