योगी सरकार के भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस को सरकारी कर्मचारी ही ठेंगा दिखा रहे हैं। सिद्धार्थनगर जिले के शोहरतगढ़ तहसील में एक महिला लेखपाल अनीता यादव खुलेआम ग्रामीणों से पैसे वसूल रही है जिसका वीडियो भी वायरल हो रहा है।
प्रदेश में सरकारी कर्मचारी किस तरह मनमानी कर रहे हैं इसका बड़ा उदाहरण सिद्धार्थनगर में उस समय देखने को मिला जब एक महिला लेखपाल ग्रामीणों से नाम चढ़ाने के नाम पर खुलेआम सौ रूपये देने की बात बोल रही है। उस दौरान लगभग पांच से छह सौ ग्रामीणों की मौजूदगी थी।
इस बात की जब चर्चा और वीडियो वायरल हुआ तब बड़े अधिकारियों के कान खड़े हो गए। अधिकारियों के नाक के नीचे खुलेआम मजमा लगाकर वसूली से योगी सरकार की भी किरकिरी हो रही है। आरोप है कि लेखपाल अनीता यादव ने नाम चढ़ाने के बदले करीब 600 ग्रामीणों से 50 से लेकर 200 रुपए तक वसूले।
इस बीच वीडियो में भी एक जगह साफ सुनाई दे रहा है कि अनीता एक ग्रामीण को सीधे सौ रूपये देने की बात कह रही है। पूरा मामला शोहरतगढ़ तहसील की ग्राम सभा बैजनथा का है। कैंप मंगलवार की दोपहर को लगाया गया था। वसूली का वीडियो आज बुधवार को सामने आया है। डीएम ने जांच के बाद महिला लेखपाल को सस्पेंड कर दिया है।
जानकारी के मुताबिक बैजनथा ग्राम सभा में कटहा, बैरिहवा, नइडहर और लमुइया टोले गांव आते हैं। इस गांव की चकबंदी एक महीने पहले हुई है। इस दौरान फॉर्म-41 और 45 भरना अनिवार्य होता है। फॉर्म-41 और 45 में खातेदारों के नाम और जमीन से जुड़े अभिलेख दर्ज किए जाते हैं। यही फॉर्म भरवाने के लिए मंगलवार को विभाग की तरफ से गांव में कैंप लगवाया गया था। इसमें चकबंदी लेखपाल अनिता यादव अपने सहयोगी के साथ फॉर्म भरवा रही थीं।
वीडियो में दिख रहा है कि लेखपाल एक एक ग्रामीण का नाम लेकर उसे फॉर्म दे रही हैं। फॉर्म के बदले पैसे ले रही हैं। उसके सामने बैठा सहयोगी एक बैग में पैसे रखता नजर आ रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि चकबंदी लेखपाल अनिता यादव ने फॉर्म-41 और 45 में नाम दर्ज करने के लिए सभी से 50 रुपए से 200 रुपए तक की वसूली की। एक व्यक्ति लेखपाल से 50 रुपए देने की बात कहता है तो लेखपाल चुपचाप सौ रुपए रखने को बोलती है। इसके बाद वो व्यक्ति सौ की नोट तख्त पर रखता नजर आ रहा है। वसूली का ये वीडियो जब प्रशासनिक अफसरों तक पहुंचा तो हड़कंप मच गया।
इतना ही नहीं ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि अगर किसी ने पैसा नहीं दिया तो उसका काम लटकाया जा रहा है। इसके चलते करीब 600 लोगों ने पैसे दिए हैं। बाकी बचे लोगों के लिए बाद में कैंप लगाने की बात भी कही गई। लेखपाल की वसूली का वीडियो आने के बाद जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने जांच के आदेश दिए। वीडियो की एसडीएम से जांच कराई गई। आरोप सही पाए जाने पर लेखपाल को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया, फिलहाल लेखपाल की यह मनमानी जिले में काफी चर्चा का केंद्र बनी है।