
Lord Hanuman idol vandalized- मध्य प्रदेश के सीधी जिले में एक बुजुर्ग ने पोते को खोने के गम में ऐसा कदम उठा लिया जिसे इलाके में हड़कंप मच गया। बुजुर्ग ने अपना पूरा गुस्सा उसके पूर्वजों द्वारा बनाए गए मंदिर पर निकाल दिया। बुजुर्ग ने मंदिर में स्थापित हनुमान जी की मूर्ति को क्षतिग्रस्त कर दिया। ग्रामीणों ने जब मंदिर के ऐसा हाल देखा तो उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने केस दर्ज कर जब आसपास के लोगों से पूछताछ की जिसके बाद उन्हें बुजुर्ग की दर्दनाक स्थिति का पता चला।
मामला अमिलिया थाना क्षेत्र के अंतर्गत सिहावल पुलिस चौकी के ग्राम बल्हया का है।पुलिस के अनुसार ग्राम बल्हया निवासी रामभुवन द्विवेदी (56 वर्ष) के एक माह के पोते का उपचार अस्पताल में चल रहा था। परिजनों ने बच्चे के स्वस्थ होने की कामना को लेकर परिवार के पूर्वजों द्वारा निर्मित मंदिर में स्थापित भगवान बजरंगबली से मन्नत मांगी थी।
उन्होंने यह मन्नत मांगी थी कि यदि बच्चा स्वस्थ हो जाएगा तो पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन का आयोजन कराया जाएगा। बताया गया कि उपचार के दौरान मासूम की मौत हो गई। इससे रामभुवन द्विवेदी गहरे मानसिक आघात और भावनात्मक आवेश में आ गए। इसी स्थिति में वह मंदिर पहुंचे और वहां स्थापित भगवान हनुमान की प्रतिमा को कथित रूप से खंडित कर दिया। घटना के बाद वह मंदिर परिसर में ही बैठकर विलाप करते रहे।
घटना की जानकारी मिलने पर स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। सिहावल चौकी पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया और प्रारंभिक जांच में पाया कि घटना पोते की मौत से उत्पन्न गहरे सदमे और भावनात्मक आवेश में हुई। पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है। मामले की विवेचना जारी है और पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
संवेदनशीलता को देखते हुए चौकी प्रभारी सिहावल पुष्पेंद्र सिंह ने जिला मुख्यालय से हनुमान जी की मूर्ति मंगाकर विधि विधान से मंदिर स्थापित कराया, ताकि भक्तों की भावनाओं को ठेस न पहुंचे। प्रभारी ने कहा कि पोते की मौत से सदमें मे आए रामभुवन द्विवेदी ने मूर्ति में तोड़ फोड़ की थी। मामला दर्ज कर उन्हें पहले गिरफ्तार किया गया फिर मुचलके पर रिहा कर दिया गया।