सीधी

MP में आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती में गड़बड़ी, तोड़ा बड़ा नियम, जांच शुरू

MP News: आउटसोर्स भर्ती घोटाले का मामला गरमाया। जिला प्रशासन की निरस्ती पर हाईकोर्ट ने दी राहत, अब EOW ने जांच संभाली। नियम तोड़कर भर्ती के गंभीर आरोप।
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Nov 03, 2025
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Irregularities in Outsourcing employee recruitment by Health Department (फोटो- सीधी स्वास्थ्य विभाग कार्यालय)

Outsourcing employee recruitment:सीधी में स्वास्थ्य विभाग (Health Department) द्वारा आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती में की गई अनियमितता की जांच आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ इकाई (EOW) रीवा की ओर से शुरु कर दी गई है। ईओडब्ल्यू रीवा के उपनिरीक्षक अभिषेक पांडेय को जांच का जिमा सौंपा गया है। पांडेय ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत को पत्र लिखकर इस मामले में की गई जांच का प्रतिवेदन मांगा है।

सीएमएचओ पर अपने पदीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरतते हुए बिना निर्धारित प्रक्रिया के भर्ती आदेश जारी करने के आरोप लगे थे, जिसमें कलेक्टर ने जांच समिति गठित कर पूरे मामले की जांच कराई थी, जांच में अनियमितता की पुष्टि होने पर भर्ती प्रक्रिया निरस्त कर दी गई थी। लेकिन, प्रभावितों ने हाई कोर्ट में शरण ली थी, जहां से स्थगन आदेश जारी कर दिया गया था। (mp news)

नियम विरुद्ध भर्ती के लगे थे आरोप, गड़बड़ी की गई थी कार्रवाई

प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2024 के लिए राज्य स्वास्थ्य समिति की अनुशंसा के आधार पर प्रदेश की समस्त स्वास्थ्य संस्थाओं उप स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, सिविल अस्पताल व जिला चिकित्सालय में आउटसोर्स पदों पर नियुक्ति की स्वीकृति दी गई थी।

इसके लिए संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं भोपाल ने 14 अक्टूबर 2024 को सभी जिलों के सीएमएचओ को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि नियुक्तियां मध्यप्रदेश भंडार कय नियम तथा सेवा उपार्जन नियम के अनुरूप की जाए। लेकिन, जिले में नियमों की अनदेखी कर नियुक्ति करने के आरोप लगे थे।

ये मिली थी गड़बड़ी

सीधी जिले में जिला अस्पताल, सिविल सर्जन, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के लिए आउटसोर्स आधार पर कंप्यूटर ऑपरेटर, डाटा एंट्री ऑपरेटर तथा मल्टी स्किल्ड गुरप डी वर्कर्स की नियुक्ति की गई। लेकिन जांच में पाया गया कि उक्त नियुक्तियां नियमों के विरुद्ध और प्रकिया से हटकर की गई। जांच में पाया गया था कि नियुक्तियों में आवश्यक प्रक्रिया जैसे न्यूनतम तीन निविदाएं प्राप्त करना आदि का पालन नहीं किया गया। (mp news)

Updated on:
03 Nov 2025 03:03 pm
Published on:
03 Nov 2025 03:03 pm