
Sidhi Dabri accident: मध्य प्रदेश के सीधी जिले में एक दर्दनाक घटना की खबर सामने आई है। जिले के सेमरिया क्षेत्र के पुलिस चौकी बम्हनी अंतर्गत हस्तिनापुर गांव में रविवार सुबह एक दर्दनाक हादसे में डबरी में डूबने से दो मासूम बच्चों की मौत हो गई। दोनों बच्चे नहाने के लिए घर से करीब डेढ़ किमी दूर डबरी में गए थे, इसी दौरान गहरे पानी में चले जाने से हादसा हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया और परिजन तथा ग्रामीण घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। दोनों मासूमों की अर्थियों को देखकर पूरा गांव की आंखे नम हो गई। मंगलवार को माता-पिता द्वारा दोनों बच्चों की अस्थियों का विसर्जन किया गया।
परिजन से मिली जानकारी के अनुसार, पंकज पिता रमेश केवट (13 वर्ष) एवं अर्पित पिता ओम प्रकाश केवट (8 वर्ष) रविवार सुबह करीब 11.30 बजे घर से निकले थे। उनके साथ एक बच्चा और था जो थोड़े देर के लिए उनसे अलग हो गया। दोनों बच्चे बिना किसी को बताए घर से करीब डेढ़ किमी दूर डबरी पर नहाने के लिए चले गए। डबरी में नहाते समय वह अनजाने में गहरे पानी की तरफ चले गए। दोपहर करीब 1 बजे डबरी में बच्चों के डूबने की जानकारी मिलने के बाद ग्रामीणों ने उन्हें बाहर निकालने का प्रयास किया। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और घटना की जानकारी जुटाते हुए आवश्यक कार्रवाई शुरू की। हादसे में दोनों बच्चों की मौत हो चुकी थी। पुलिस दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी होने के बाद पुलिस ने दोनों बच्चों के शव अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिए। एक ही परिवार के वो मासूम बच्चों की एक साथ मौत की खबर से परिजन सदमे में हैं। घर में जहां बच्चों की चहल-पहल रहती थी, वहां अचानक मातम पसर गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। हादसे की खबर सुनकर बड़ी संख्या में ग्रामीण भी पीड़ित परिवार के घर पहुंचे और शोक संवेदना व्यक्त की। घटना के बाद पूरे हस्तिनापुर गांव में शोक का माहौल है। ग्रामीणों के बीच हादसे को लेकर चर्चा होती रही। मासूम बच्चों की असमय मौत ने सभी को झकझोर दिया। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर घटना की जांच शुरू कर दी है। मिली जानकारी के अनुसार, बच्चो के पिता मजदूरी के लिए गांव से बाहर गए थे। वहीं, जब बच्चे घर से निकले थे तब मां खेत में धान लगा रही थी।
सेमरिया थाना प्रभारी विवेक द्विवेदी का कहना है कि अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि बच्चे डबरी में नहाने गए थे या फिर मछली मारने के लिए। जब उन्हें डबरी से निकाला गया तो उनकी मौत हो चुकी थी। अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों ने मौत की पुष्टि की। मर्ग कायम कर जांच में लिया गया है।
रविवार को दोनों बच्चों का अंतिम संस्कार किया गया। दोनों मासूमों की अर्थियों को देखकर पूरा गांव की आंखे नम हो गई। मंगलवार को प्रयागराज के गंगा घाट में बच्चों की अस्थियों की विसर्जन किया गया। परिजन रामनाथ केवट से बातचीत करने पर जानकारी मिली है कि पंचायत की तरफ से घटना के बाद जो सहायता राशि पंचायत की तरफ से मिलनी चाहिए, वह परिवार को अब तक नहीं मिली है।