
Sidhi News :मध्य प्रदेश के सीधी जिला अस्पताल के एमसीएच विंग से हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां कुछ अज्ञात अराजक तत्वों ने अस्पताल के सबसे संवेदनशील क्षेत्र कहे जाने वाले ऑपरेशन थिएटर में घुसकर जमकर उत्पात मचाते हुए तोड़फोड़ की है। आरोप ये भी है कि, उत्पाती ओटी से जरूरी सामान तक चुराकर ले गए हैं।
बताया जा रहा है कि, अज्ञात लोग ऑपरेशन थिएटर के पीछे की खिड़की तोड़कर अंदर घुसे, साउंड प्रूफ दरवाजा लगे होने से बाहर मौजूद स्टाफ और गार्ड को भनक तक नहीं लगी। ऐसे में उन्होंने बड़े आराम से अपना काम तमाम किया और वापस भाग भी निकले।
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, बुधवार को रात 9 बजे तक ऑपरेशन थिएटर में काम चला था। इसके बाद ऑपरेशन थिएटर बंद कर स्टाफ बाहर निकल गया था। ऑपरेशन थिएटर के ठीक सामने ही डिलेवरी कक्ष भी है, जिससे वहां चहल-पहल बनी रहती है, इसके बावजूद भी किसी को अंदर हुई तोड़फोड़ की भनक तक नहीं लग की।
ऑपरेशन थिएटर में जिस तरह उत्पात मचाया गया है उससे यह प्रतीत होता है कि अराजक तत्व तोड़-फोड़ करने की नीयत से ही घुसे थे। उनके द्वारा नलों की टोटियां, कमोड, सिस्टन, एयर कंडीशनर, मॉनीटर सहित आवश्यक मशीनरी में तोड़-फोड़ की गई। दवाइयां आदि बिखेर दी गई। आवश्यक कागजात पानी में फेंक दिये गए। केविल आदि काट दी गई।
ऑपरेशन थिएटर में तोड़-फोड़ के साथ ही अस्पताल प्रबंधन द्वारा कुछ सामान के चोरी होने की भी आशंका जताई है। प्रबंधन के अनुसार, क्या और कितना सामान चोरी गया, ये रिकॉर्ड से मिलान के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा, लेकिन प्रथम दृष्ट्या कुछ चादर, कंबल समेत अन्य सामान गायब है।
जिला अस्पताल के एमसीएच विंग में रात में दो गार्ड तैनात थे, एक गार्ड गेड में था, जबकि दूसरा ऑपरेशन थिएटर के पास ही तैनात था। लेकिन ऑपरेशन थिएटर में की जा रही तोडफ़ोड़ की इनकों भनक तक नहीं लगी। बताया गया, ऑपरेशन थिएटर के बाहर आवाज नहीं आती, इसलिए घटना की जानकारी नहीं हो पाई।
जिला अस्पताल का एमसीएच विंग सीसीटीवी कैमरों से लैस है, ऑपरेशन थिएटर में भी सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। लेकिन अस्पताल प्रबंधन के अनुसार बीते कुछ दिनों से ऑपरेशन थिएटर के सीसीटीवी कैमरों की केविल निकली हुई थी, जिस पर ध्यान नहीं दिया गया।
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, जिस तरह से ऑपरेशन थिएटर में तोड़फोड़ हुई है, उसे दोबारा सेटअप कर ऑपरेशन थिएटर इस्तेमाल में लाने लायक तैयार करने में करीब एक पखवाड़े से अधिक का समय लग सकता है। ऐसे में क्रिटिकल डिलेवरी जिनमें सीजर की जरूरत पड़ेगी, प्रभावित हो जाएगी। हालांकि, सिविल सर्जन का दावा है कि, पुराने भवन की माइनर ओटी को व्यवस्थित करवा कर क्रिटिकल डिलीवरी के सीजर वहीं कराने की व्यवस्था बनाई जाएगी।