
Teachers hold classes on road- सीधी जिले में शुक्रवार को अलग ही नजारा देखने को मिला। स्कूल का रास्ता अवरुद्ध होने के कारण शिक्षकों ने सड़क पर ही कक्षाएं लगा दी। नाराज शिक्षकों का कहना है कि रास्ता अवरुद्ध कर बच्चों और शिक्षकों को परेशान किया जाता है। मजबूरन शिक्षकों ने सड़क बनवाने के लिए यह रास्ता चुना।
सीधी जिले के इस मामले ने सभी का ध्यान खींच लिया। स्थानीय लोगों का भी कहना है कि एक तरफ प्रशासन स्कूलों का संचालन सुचारू रूप से जारी रखने का दावा करता है, वहीं कई स्कूलों तक सड़क नहीं होना चुनौती बन गया है। लोगों का कहना है कि कई वर्षों से मांग कर रहे हैं, लेकिन न तो शासन-प्रशासन गंभीर है और न ही ग्राम पंचायत के जिम्मेदार गंभीर हैं। अब पानी सिर से ऊपर निकल जाने के बाद सड़क पर ही कक्षा लगानी पड़ रही है।
जनपद शिक्षा केंद्र मझौली अंतर्गत शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय बंजारी में शुक्रवार को सुबह यह मामला प्रकाश में आ गया। जहां विद्यालय का रास्ता अवरुद्ध होने के कारण शिक्षकों ने सड़क में ही कक्षाएं लगाकर विरोध प्रकट किया गया। शिक्षकों ने बताया कि बरसात के हर सीजन में इसी तरह संबंधित भूमि स्वामी की ओर से रास्ता बंद कर दिया जाता है और बच्चों को और हम शिक्षकों को परेशान किया जाता है। इसलिए मजबूरन यह रास्ता अपनाया गया। शासन-प्रशासन से विद्यालय तक स्थाई सड़क बनवाने की मांग है।
बताया गया कि विद्यालय में 125 बच्चे पंजीकृत हैं। शुक्रवार को 59 बच्चे आए थे। शिक्षकों का कहना है कि यदि विद्यालय तक पहुंचने के लिए स्थायी सड़क की व्यवस्था नहीं की गई तो भविष्य में भी पठन-पाठन प्रभावित होता रहेगा। उनका
इसे संयोग कहे या दुर्भाग्य की जब बच्चे सड़क पर बैठ कर भविष्य व शिक्षा की नीव रख रहे थे उसी समय सीधी जिले के प्रभारी मन्त्री दिलीप जायसवाल लगभग 15 किलोमीटर की दूरी चमराडोल व मझौली मे क्षेत्रीय विधायक की उपस्थिति में सरकार की व अपनी उपलब्धियों की गौरव गांथा का बखान कर रहे थे।
स्कूल के प्रधान अध्यापक रामदत्त पनिका ने कहा कि विद्यालय आने के लिए दो रास्ते थे लेकिन दोनों को भूमि स्वामियों के द्वारा बंद कर दिया गया, जिस कारण आज सड़क पर ही कक्षाएं लगाकर बच्चों को पठन-पाठन कराया गया और विरोध प्रकट किया गया है। विद्यालय के लिए स्थाई सड़क अनिवार्य है। इस बारे में बीआरसीसी अयोध्या प्रसाद पटेल ने पत्रिका से कहा कि अभी मैं कार्यक्रम में हूं अगर ऐसी बात है तो समस्या के समाधान के लिए विभागीय स्तर से प्रयास किए जाएंगे।