
सीकर. सीकर शहर सहित जिले में गुरुवार को लगातार दूसरे दिन भी बरसात हुई। इस सीजन की यह अब तक की सबसे अधिक बारिश है। आलम यह रहा कि सीकर जिला कलक्टर का बंगला तक में पानी घुस गया। निचले इलाकों में तो स्थिति भयावह है।
नवलगढ़ रोड की तरफ नहीं जाएं
सीकर में बुधवार को रात आठ बजे तक 24 घंटे में 82 एमएम बरसात दर्ज की गई। इधर बरसात के कारण जिला कलक्टर नरेश कुमार ठकराल के घर में पानी घुस गया। नवलगढ़ रोड पर दुकाने आधी डूब गई। कलक्टर आवास के सामने मिट्टी से भरे कट्टे लगाकर बरसाती पानी को रोकने का प्रयास किया। लाखों रुपए का नुकसान हो गया। पुलिस ने देर रात अलर्ट जारी किया कोई भी वाहन चालक नवलगढ़ रोड की तरफ नहीं जाएं।
बजाज रोड भी लबालब
इधर सीकर शहर में बरसात ने नवलगढ़ रोड व बजाज रोड पर पानी निकासी निकासी व्यवस्था की फिर पोल खोल दी। पानी भरने से आवागमन बाधित रहा। सीकर जयपुर रोड से रीको की तरफ जाने वाले मार्ग पर भी पानी भर गया। इस मार्ग के बीचों बीच तीन गड्डे होने के कारण हर समय हादसे का खतरा रहता है।
पांच बाइक बही, तीन को निकाला, दो लापता
खंडेला. कस्बे में गुरुवार शाम को हुई बरसात से चौपड़ बाजार व मंडी बाजार में स्थित चार से पांच फीट तक ऊंची दुकानों में पानी घुस गया तथा पांच बाइक बह गई। पानी का बहाव इतना तेज था कि बाजार में खड़ी बाइकों को बहा ले गया। जिनमें से तीन बाइकोंं को कड़ी मशक्कत के बाद निकाल लिया गया तथा दो की तलाश की जा रही थी।
कस्बे के मंडी बाजार, सिनेमा हॉल के पास से निकलने वाले नालों में डेढ़ से दो फीट तक पानी घुस गया। वहीं कस्बे के बरसिंहपुरा रोड, अस्पताल वाले रास्ते सहित कई जगहों पर पानी भर गया, जिससे आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कस्बे में 25 एमएम बरसात दर्ज की गई।
किसान हुए खुश
बारिश से मन मयूरा नाच उठा। तन मन प्रफुल्लित हो गए। किसानों के चेहरे खिल गए। गर्मी व उमस से परेशान हर किसी के चेहरों पर खुशियां छा गई। ऐसा लगा मानो चौमासा ही लग गया। फसलों को नया जीवनदान मिल रहा है तो बुवाई का रकबा भी बढ़ेगा। जिन किसानों ने अभी तक बुवाई नहीं की थी वे बुवाई में जुट गए हैं।
खाद बीज की बिक्री बढ़ी
करीब पंद्रह दिन बाद फिर से खाद-बीज की दुकानों पर भीड़ लगने लग गई है। वहीं बरसात के साथ तेज हवा चलने के कारण कई जगह टीन शेड उड गए। वाहन चालकों को परेशानी हुई।