
Rajasthan Senior Teacher Transfer List Controversy: शिक्षा विभाग में हुए वरिष्ठ अध्यापकों के तबादलों में सरकार राजनीति के साथ अमानवीयता के आरोपों से भी घिर गई है। दरअसल तबादला सूची में असाध्य रोगों से पीड़ित और करोड़ों की राशि से स्कूलों का कायाकल्प करने वाले शिक्षकों को भी प्रशासनिक आधार पर दूरदराज के स्कूलों में स्थानांतरित कर दिया गया है। मामले में कई गांवों में इन तबादलों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी शुरू हो गए हैं।
केस:1-शहीद नेमीचंद राबाउमावि खुड़ी के वरिष्ठ अध्यापक उपेंद्र शर्मा ने भामाशाहों के सहयोग से करीब डेढ़ करोड़ की राशि से स्कूल को तीन मंजिल में त्रिस्तरीय ग्रीन वाटिका, बांस की हट और इलेक्ट्रिक साइन बोर्ड आदि के साथ आकर्षक रूप दिया। निजी स्कूलों की तर्ज पर स्कूल यूनिफॉर्म, स्पोकन इंग्लिश, और वाहन सरीखी सुविधा से नामांकन 95 से 308 तक पहुंचाया। ग्रीष्मकालीन अवकाश में भी कार्य करने के साथ अपनी जेब से करीब छह लाख रुपए भी स्कूल विकास में खर्च किए। पर इस काम का ईनाम भी उन्हें चूरू ट्रांसफर के रूप में दिया गया। जिसे लेकर ग्रामीणों में खासा आक्रोश भी है।
केस:2-धोद की राउप्रावि मोल्यासी की संस्था प्रधान अंजना कालेर भामाशाहों के सहयोग से स्कूल में 12 लाख रुपए से ज्यादा का विकास कार्य करवा चुकी है। जिला स्तरीय कबड्डी प्रतियोगिता के आयोजन के साथ उनके काल में ही चार बच्चों का राज्य स्तरीय कबड्डी प्रतियोगिता और पांच बच्चों का एनएमएमएस में चयन हुआ। एक बंजर भूमि में खेल मैदान के विकास के साथ उन्होंने सघन वृक्षारोपण भी करवाया। उनका तबादला भी चूरू किया गया है। आक्रोशित ग्रामीण यहां स्कूल की तालाबंदी कर विरोध जता चुके हैं।
लोसल निवासी महावीर भामू का हार्ट का दो बार ऑपरेशन हो चुका है। उन पर निर्भर मां भी लकवे की शिकार है। उनका भी तबादला जैतपुरा से करीब 200 किमी दूर बिल्लुका बास रामपुरा किया गया है। इसी तरह शहर की हरदयाल स्कूल की शिक्षिका सुमन भानुका की एक किडनी खराब है। दूसरी का भी उपचार चल रहा है। इस हालत में भी उन्हें सीकर से 60 किमी दूर ताजसर में स्थानांतरित किया गया है।
शिक्षा विभाग की तबादला सूची को लेकर खिलाड़ियों में भी विरोध है। खिलाड़ियों ने बताया कि पीएम श्री गोकुलपुरा स्कूल में कार्यरत सीनियर फिजिकल एजुकेशन शिक्षक कौशल्या चौधरी ने विभिन्न खेलों के 150 से ज्यादा खिलाड़ी तैयार किए। कौशल्या चौधरी का तबादला चूरू जिले में कर दिया है। जबकि उनका चयन साक्षात्कार के जरिए हुआ है।
तबादलों के विरोध में राजस्थान शिक्षक संघ ने आंदोलन की घोषणा की है। जिलाध्यक्ष विनोद पूनिया और जिलामंत्री फारूक अली खान ने आरोप लगाया कि स्थानांतरण प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती गई और कई शिक्षकों को प्रताड़ित किया गया। संघ का कहना है कि तबादलों से कई स्कूल शिक्षकविहीन हो गए हैं। जिला संघर्ष समिति संयोजक सुभाष ढाका ने बताया कि 13 जुलाई को ब्लॉक मुख्यालयों पर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन, 14 जुलाई को शिक्षा निदेशक को ज्ञापन, 15 जुलाई को जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन व पुतला दहन तथा 17 जुलाई को संभाग मुख्यालयों पर जेडी कार्यालयों का घेराव किया जाएगा।