सीकर

Rajasthan: कोटपुतली-किशनगढ़ ग्रीन एक्सप्रेसवे को निरस्त करने की मांग, किसान बोले- जान दे देंगे, जमीन नहीं देंगे

Kotputli-Kishangarh Greenfield Expressway: बैठक में किसानों ने एक स्वर में कहा कि जान देंगे, जमीन नहीं देंगे। किसानों ने कहा कि इस परियोजना के विरोध में संगठन पहले भी ट्रैक्टर रैली, जनसुनवाई और विभिन्न स्तरों पर अपना विरोध दर्ज करा चुका है, लेकिन अब तक उनकी मांगों पर कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया।
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Jun 29, 2026
Green-Field-Expressway
Photo: AI generated

सीकर। किसान महापंचायत राजस्थान प्रदेश के आह्वान पर कोटपुतली-किशनगढ़ प्रस्तावित ग्रीन एक्सप्रेसवे को निरस्त करने की मांग को लेकर किसान महापंचायत का आयोजन किया गया। रींगस के एनएच-52 सरगोठ में हुई बैठक की अध्यक्षता किसान महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट ने की। महापंचायत में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लेते हुए सरकार के प्रस्तावित ग्रीन एक्सप्रेसवे के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।

बैठक में किसानों ने एक स्वर में कहा कि जान देंगे, जमीन नहीं देंगे। किसानों ने कहा कि इस परियोजना के विरोध में संगठन पहले भी ट्रैक्टर रैली, जनसुनवाई और विभिन्न स्तरों पर अपना विरोध दर्ज करा चुका है, लेकिन अब तक उनकी मांगों पर कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया। महापंचायत में मुख्यमंत्री से मांग की गई कि किशनगढ़-अजमेर से कोटपुतली तक प्रस्तावित ग्रीन एक्सप्रेसवे को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए।

रींगस के सरगोठ में ग्रीन एक्सप्रेसवे का विरोध जताते किसान।

किसानों का कहना था कि सरकार अधिग्रहण की बजाय खेती, सिंचाई और रोजगार जैसे मूल मुद्दों पर ध्यान दे। किसान महापंचायत ने सरकार से खेत को पानी, फसल को दाम और युवाओं को काम के विजन पर कार्य करने की मांग करते हुए कहा कि किसान की खुशहाली और प्रदेश की समृद्धि के लिए यही सबसे आवश्यक है।

जनसुनवाई के दौरान विरोध जताते किसान। फोटो- पत्रिका

महापंचायत में प्रदेश अध्यक्ष मुसद्दीलाल यादव, महामंत्री सुन्दर भाभारिया, प्रदेश मंत्री ज्ञानचंद मीणा, बत्तीलाल बैरवा, मीडिया प्रभारी सुरेश बिजारणियां, सीकर जिला अध्यक्ष कैप्टन बलदेव यादव, अजमेर जिला अध्यक्ष प्रहलाद, जयपुर जिला अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव, तहसील अध्यक्ष हरसहाय तंवर (कोटपुतली), कृष्ण कुमार यादव (नीमकाथाना), मोहन बगरिया (किशनगढ़), राजेंद्र (रेनवाल), भगवान मिठारवाल (चौमूं), झालूराम (फुलेरा), गोपेश, श्यामलाल, बनवारी स्वामी, गिरधारी, शंकर यादव, बाबूलाल जाखड़ सहित सैकड़ों किसान उपस्थित रहे।

कोटपुतली–किशनगढ़ ग्रीन एक्सप्रेस एक महत्वाकांक्षी परियोजना

कोटपुतली–किशनगढ़ ग्रीन एक्सप्रेस-वे राजस्थान की एक महत्वाकांक्षी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजना है। यह राज्य की सड़क कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई देगी। यह 181 किलोमीटर लंबा 6-लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे है। यह पूरी तरह नई जमीन पर बनाया जा रहा है। परियोजना की अनुमानित लागत ₹6,906 करोड़ है। इसके लिए लगभग 1,679 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है।

यह एक्सप्रेस-वे कोटपुतली (NH-148B के पास) से शुरू होकर खाटू श्यामजी, रींगस, खंडेला, मकराना, नावां, कुचामन सिटी, रुपनगढ़, रेनवाल, पलसाना जैसे प्रमुख स्थानों से गुजरते हुए किशनगढ़ (NH-48) तक जाएगा। वर्तमान में कोटपुतली से किशनगढ़ का सफर 5-6 घंटे लेता है, लेकिन इस एक्सप्रेस-वे के बनने के बाद यह समय घटकर महज 2 घंटे रह जाएगा। इससे दिल्ली-जयपुर-अजमेर कॉरिडोर पर भीड़ कम होगी।

Published on:
29 Jun 2026 02:52 pm