सीकर

Khatu Shyam Ji: खाटूश्याम मंदिर के पट 19 घंटे रहेंगे बंद, दर्शन से पहले जान लें समय और कारण

Khatu Shyam Darshan Update: सीकर जिले में स्थित विश्वप्र सिद्ध खाटूश्यामजी मंदिर के पट 18 फरवरी को रात 10 बजे से 19 घंटे के लिए बंद रहेंगे।

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Feb 14, 2026
Photo- Patrika Network (File Photo)

Khatu Shyam Darshan Update: विश्व प्रसिद्ध आस्था धाम श्री खाटू श्याम मंदिर में 19 फरवरी को श्री श्याम प्रभु की विशेष सेवा-पूजा एवं तिलक कार्यक्रम होगा। इस धार्मिक अनुष्ठान के मद्देनजर मंदिर कमेटी के मंत्री मानवेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि 18 फरवरी को रात 10 बजे से 19 फरवरी की शाम 5 बजे तक आम श्रद्धालुओं के लिए दर्शन पूर्णत: बंद रहेंगे।

इस अवधि में केवल निर्धारित धार्मिक विधि-विधान एवं सेवा-पूजा कार्यक्रम संपन्न किए जाएंगे। मंदिर कमेटी ने सभी श्याम भक्तों से अपील की है कि वे निर्धारित समय के बाद ही दर्शन हेतु खाटूधाम पधारें तथा मंदिर परिसर में अनुशासन एवं व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।

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कब बंद होंगे पट और कब खुलेंगे?

श्रीश्याम मंदिर कमेटी के मंत्री मानवेंद्र सिंह चौहान के मुताबिक विशेष धार्मिक अनुष्ठानों के चलते 18 फरवरी को रात 10 बजे से बाबा श्याम के बंद रहेंगे। ऐसे में 19 फरवरी को शाम 5 बजे तक श्रद्धालु दर्शन नहीं कर पाएंगे। 19 फरवरी को शाम 5 बजे के बाद पुनः पट खुलेंगे और श्रद्धालु बाबा श्याम के दर्शन कर पाएंगे।

महाभारत काल से जुड़ी है बाबा श्याम की महिमा

सीकर जिले में स्थित खाटूश्यामजी मंदिर देशभर के श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। बाबा श्याम को कलयुग के भगवान के रूप में पूजा जाता है। उनकी महिमा महाभारत काल से जुड़ी है, जब भीम के पौत्र बर्बरीक ने युद्ध में भाग लेने से पहले भगवान श्रीकृष्ण को अपना शीश दान किया था। इस महान बलिदान से प्रसन्न होकर श्रीकृष्ण ने आशीर्वाद दिया कि कलियुग में वे श्याम के नाम से पूजे जाएंगे और भक्तों की हर कठिनाई में सहारा बनेंगे।

हर वर्ष लाखों भक्त आते हैं खाटू धाम

यहां हर वर्ष यहां लाखों भक्त बाबा खाटू श्याम जी के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। विशेष पर्वों और अनुष्ठानों के दौरान मंदिर में अतिरिक्त व्यवस्थाएं की जाती हैं। बाबा खाटूश्याम जी के दर्शन 19 घंटे बंद रहने का निर्णय भी उसी धार्मिक परंपरा का हिस्सा है। ऐसे में मंदिर कमेटी ने सभी भक्तों से आग्रह किया है कि वे इस परंपरा का सम्मान करें और दर्शन के लिए मंदिर तभी आएं जब कपाट दोबारा खुल जाएं।

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