शराब ठेका पर दीवार में एक बड़ा सा पाईप लगाकर खुलेआम शराब बेची जा रही है। शराब लेने वाले ग्राहक पहले सड़क के दोनों ओर देखते हैं और फिर तुरंत पैसे देकर चोर रास्ते से शराब व बीयर लेकर निकल जाते हैं। वहीं पास में ही कोचिंग्स के छात्र-छात्राएं बैठे हुए हैं, लेकिन इन सब चीजों को शराब ठेकेदार और ग्राहक दोनों ही ऐसे नजरअंदाज कर रहे हैं। इससे बच्चों पर गलत असर पड़ रहा है।
सीकर. शिक्षा नगरी सीकर देशभर में एक अलग ही पहचान है। सीबीएसई व आरबीएसई बोर्ड के परीक्षा परिणामों में देशभर में हमारे यहां के संस्थानों ने बेहतर परिणाम दिया है। वहीं नीट व जेईई एडवांस में भी हर साल टॉपर्स दे रहे हैं। ऐसे में पिपराली रोड स्थित एजुकेशन जोन में रात 8 बजे बाद धड़ल्ले से खुलेआम शराब बिक रही है। शराब ठेका संचालक व सेल्समैन महज औपचारिक तौर पर 8 बजे ठेकों के शटर बंद कर देते हैं, लेकिन शटर के नीचे छोटे से लोके के गुप्त गेट व ठेका की दीवार में बने छेद में से शराब बेचने का कारोबार बहुत तेजी से फल फूल रहा है। उद्योग नगर थाना पुलिस और आबकारी विभाग दोनों ही रात आठ बजे बाद अवैध रूप से शराब बेचने वालों के खिलाफ कोई जरूरी कदम नहीं उठा रहे हैं। कोचिंग निगरानी समिति की बैठक में एजुकेशन जोन में शराब बेचे जाने का मुद्दा बहुत बार उठ चुका है लेकिन इस ओर ना तो जिला प्रशासन ध्यान दे रहा है और ना ही पुलिस प्रशासन इस ओर देख रहा है।
पिपराली रोड स्थित शराब ठेका के आसपास 140 मीटर में चार काेचिंग सेंटर संचालित हो रहे हैं। वहीं नवलगढ़ पुलिया से नीचे उतरने के बाद पिपराली रोड पर चलने के दौरान एक मेडिकल की दुकान से सटकर शराब ठेका संचालित हो रहा है। यहां पर भी रात आठ बजे बाद धड़ल्ले से शराब बेची जा रही है। ऐसे में देर रात तक खाना खाने, लाइब्रेरी व कोचिंग की डाउट क्लासेज से आने-जाने वाले विद्यार्थियों को शराबियों से उलझना पड़ता है। शराब ठेकेदार सभी नियमों को ताक पर रख रात आठ बजे बाद खुलेआम शराब बेच रहे हैं।https://www.youtube.com/shorts/qcejE1FLoS4
दुकान के आगे का शटर बंद कर पीछे के गेट व दीवार में पाइप लगाकर हर शराब ठेकेदार बिक्री कर रहे हैं। कुछ दुकान के अंदर बैठाकर ही देर रात तक ग्राहकाेंकाे शराब पिला रहे हैं। जबकि सीकर की देशभर में एजुकेशन सिटी के नाम से पहचान है। पिपराली राेड पर काेचिंगाें से महज कुछ दूरी पर ही खुले इन दोनों शराब ठेकों से हर दिन धड़ल्ले से शराब बेची जा रही है। आबकारी विभाग के अधिकारी भी इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। जबकि पुलिस यहां रात्रि गश्त भी करती है लेकिन अवैध रूप से शराब बेचने वालों को कोई रोक-टोक तक नहीं रहा है।
शराब ठेका पर दीवार में एक बड़ा सा पाईप लगाकर खुलेआम शराब बेची जा रही है। शराब लेने वाले ग्राहक पहले सड़क के दोनों ओर देखते हैं और फिर तुरंत पैसे देकर चोर रास्ते से शराब व बीयर लेकर निकल जाते हैं। वहीं पास में ही कोचिंग्स के छात्र-छात्राएं बैठे हुए हैं, लेकिन इन सब चीजों को शराब ठेकेदार और ग्राहक दोनों ही ऐसे नजरअंदाज कर रहे हैं। इससे बच्चों पर गलत असर पड़ रहा है।
पिपराली रोड पर चार बड़े कोचिंग संस्थानों के पास में शराब ठेका खुला हुआ है। यह ठेका एक एक कोचिंग से सिर्फ 30 मीटर, दूसरी कोचिंग से 70 मीटर और तीसीर कोचिंग से महज 140 मीटर की दूरी पर शराब ठेका है। गूगल मेप से शराब ठेका की कोचिंग्स से दूरी नापी गई है। जबकि आबकारी विभाग के नियमों के अनुसार शिक्षण संस्थान, धार्मिक स्थल से कम से कम 200 मीटर की दूरी तक शराब ठेका नहीं होना चाहिए। यही नहीं इस घूमर घाटी शराब ठेका से सटाकर एक दुकान में बुक डिपो और दूसरी ओर लाइब्रेरी व रेस्टोरेंट संचालित है। हजारों छात्र-छात्राएं दिनभर इन चारों कोचिंग्स, लाइब्रेरी व अन्य कोचिंग से यहां से गुजरते हैं।
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