
Rajasthan Annapurna Rasoi Scheme: राजस्थान सरकार की ओर से जरूरतमंदों को न्यूनतम शुल्क पर भरपेट खाना उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित की जा रही श्री अन्नपूर्णा रसोई योजना यहां विवादों में आ गई। लक्ष्मणगढ़ बाईपास स्थित नवीन मुरारका बस स्टैंड में लक्ष्मणगढ़ नगरपालिका की ओर से संचालित की जा रही अन्नपूर्णा रसोई में मांसाहार पकाने की सूचना पर हंगामा हो गया। रसोई में खाना खाने गए बच्चों ने वहां मांस पकता देखा तो अपने परिचितों को सूचना दी।
मौके पर गए परिचितों ने रसोई में मांस पकता देख आक्रोश जताया। इस पर विरोध जताने पर वहां खाना पका रहे कई कार्मिक भाग खड़े हुए। रविवार को हुई इस घटना के बाद विवाद बढ़ता देख नगरपालिका प्रशासन मौके पर पहुंचा तथा अन्नपूर्णा रसोई के तहत भोजन निर्माण स्थल (रसोई) को सीज कर दिया। नगरपालिका की ओर से इस संबंध में अग्रिम कार्यवाही के लिए जिला कलक्टर को जानकारी दी गई है।
राजस्थान सरकार की ओर से गरीबों और जरूरतमंदों को मात्र 8 रुपए में शुद्ध, पौष्टिक और भरपेट भोजन (600 ग्राम) सम्मान के साथ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित इस योजना में हर व्यक्ति को 600 ग्राम भोजन दिया जाता है। योजना के तहत सरकार की ओर से तय भोजन के मेन्यू में एक थाली में 300 ग्राम चपाती, 100 ग्राम दाल, 100 ग्राम सब्जी, और 100 ग्राम चावल या श्रीअन्न (मोटा अनाज/बाजरा-ज्वार की खिचड़ी) और अचार दिया जाना होता है।
अन्नपूर्णा रसोई योजना को सुचारू रूप से चलाने के लिए राजस्थान सरकार की ओर से प्रति थाली 22 रुपए का अनुदान (सब्सिडी) रसोई संचालकों को दिया जाता है। यह योजना राज्य के सभी 240 नगरीय निकायों में 1000 से अधिक रसोइयों के माध्यम से संचालित की जा रही है।
अन्नपूर्णा रसोई में मीट पार्टी की सूचना के बाद मौके पर मैं स्वयं नगरपालिका कर्मचारियों के साथ गया था। रसोई को सीज कर दिया गया है। इसका संचालन सीकर की अभिनव सेवा संस्थान की ओर से किया जा रहा है। सीज की कार्यवाही के बाद अग्रिम कार्यवाही के लिए जिला कलक्टर को जानकारी प्रेषित कर दी गई है। आश्रित लाभार्थियों के लिए खाना दूसरी अन्नपूर्णा रसोई से मंगवाकर व्यवस्था कर दी गई है।
-नवनीत कुमावत, अधिशाषी अधिकारी, नगरपालिका मंडल लक्ष्मणगढ़