Khatu Shyam Ji Temple Spying Case: देश की आस्था के केंद्र और लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रतीक खाटूश्यामजी मंदिर अब अंतरराष्ट्रीय जासूसी साजिश के निशाने पर आ गया है।
सीकर/खाटूश्यामजी। देश की आस्था के केंद्र और लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रतीक खाटूश्यामजी मंदिर अब अंतरराष्ट्रीय जासूसी साजिश के निशाने पर आ गया है। गाजियाबाद पुलिस की ओर से उजागर किए गए नेटवर्क ने सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया है। गाजियाबाद पुलिस ने कौशांबी इलाके से पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाले एक बड़े नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है।
जांच में आरोपियों के मोबाइल फोन से कई प्रमुख धार्मिक स्थलों के फोटो, वीडियो और लोकेशन डेटा बरामद हुआ। खासकर राजस्थान के प्रसिद्ध खाटू श्यामजी मंदिर की लोकेशन, फोटो और वीडियो पाकिस्तान भेजे गए पाए गए।
खाटूश्यामजी मंदिर परिसर व कस्बे के भीड़भाड़ वाले इलाकों की लोकेशन, फोटो और वीडियो पाकिस्तान भेजे जाने का खुलासा होने के बाद सुरक्षा एजेंसियों के साथ ही श्रद्धालु व स्थानीय निवासी, व्यापारी, व्यवसायी सतर्क हो गए हैं। हालांकि खाटूश्यामजी कस्बे में श्रद्धालुओं की परेशानी, सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण, सीसीटीवी कैमरे, सफाई, बाहर से आने वाले संदिग्ध लोगों पर निगरानी सहित अन्य मुद्दों को राजस्थान पत्रिका प्रमुखता से उठा रहा है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था को प्रमुखता से उठाया है। बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों के सत्यापन, होटल-धर्मशालाओं में ठहरने वालों की जांच और संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी को लेकर कई बार मुद्दा उठाया था।
गाजियाबाद पुलिस ने एक बड़े जासूसी नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के मोबाइल फोन से देश के कई प्रमुख धार्मिक स्थलों की लोकेशन, फोटो और वीडियो बरामद हुए हैं। जांच व आरोपियों से पूछताछ में पता चला है कि खाटूश्यामजी से भी श्रद्धालुओं व मंदिर परिसर के आसपास की फोटो वीडियो पाकिस्तान भेजे गए हैं।
गाजियाबाद पुलिस जांच के अनुसार, आरोपियों को पाकिस्तान से ऑनलाइन ट्रेनिंग, फंडिंग और निर्देश दिए जा रहे थे। जांच एजेंसियों के अनुसार देश के कई सेन्य ठिकानों, धार्मिक स्थलों के आसपास 50 स्थानों पर सीसीटीवी लगाने की योजना थी। इनमें मंदिर, सैन्य क्षेत्र और भीड़भाड़ वाले इलाके शामिल थे। इन स्थानों की संवेदनशील जानकारी पाकिस्तान तक पहुंचाई जा रही थी। कार्रवाई में दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल और इंटेलिजेंस ब्यूरो की टीम भी शामिल रही।
पुलिस ने 29 संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है, जबकि हापुड़ में भी ऐसे ही मामले में दो आरोपितों की गिरफ्तारी की गई है। संवेदनशीलता को देखते हुए एटीएस ने यहां कई बार मॉकड्रिल कर चुकी है, जिसमें संभावित आतंकी हमलों से निपटने की तैयारियों को परखा गया था।
खाटूश्यामजी जैसे बड़े धार्मिक स्थल की सुरक्षा को लेकर पहले भी कई बार सवाल उठ चुके हैं। यहां फाल्गुन महीने में लगने वाले लक्खी मेला में हर साल लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। राजस्थान में सबसे अधिक धार्मिक पर्यटक खाटूश्यामजी में ही आते हैं। जबकि सुरक्षा इंतजाम इस अनुपात में बहुत कम हैं। राज्य सरकार व जिला प्रशासन की ओर से खाटूश्यामजी आने वाले श्रद्धालुओं का वेरिफिकेशन उनके सामान की जांच करने की कोई पुख्ता व्यवस्था नहीं है।
पूर्व में खाटूश्यामजी में कई बड़े अपराधियों व हत्या आरोपियों के फरारी काटने के मामले सामने आ चुके हैं। मध्यप्रदेश के मुरैना के लेपा भिड़ोसा गांव में एक ही परिवार के 6 लोगों की गोली मारकर हत्या मामले में पुलिस ने रींगस रेल्वे स्टेशन से 30 हजार के इनामी बदमाश सोनूसिंह राजपूत को गिरफ्तार किया था। वह फरारी काटने के लिए खाटूश्यामजी जा रहा था। अन्य राज्यों के कई बदमाश यहां मजदूरी कर फरारी काटते हुए गिरफ्तार हो चुके हैं।
खाटूश्यामजी के उप पुलिस अधीक्षक राव आनंद के अनुसार क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लगातार निगरानी रखी जा रही है। होटल, धर्मशाला और गेस्ट हाउस की नियमित जांच की जा रही है। मकान मालिकों को किराएदारों का अनिवार्य वेरिफिकेशन कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि को समय रहते रोका जा सके।
—राव आनंद, उप पुलिस अधीक्षक, खाटूश्यामजी